टोक्यो/ नयी दिल्ली: जापान की टोयोटा मोटर कॉरपोरेशन और सुजुकी मोटर कॉरपोरेशन ने भारतीय बाजार के लिए एक दूसरे को बिद्युत और पेट्रोलियम ईंधन, दोनों तरह की ऊर्जा से चलने वाली कुछ हाइब्रिड कारों और अन्य वाहनों की आपूर्ति करने का एक अनुबंध किया है. इसके तहत सुजुकी कंपनी टोयोटा को अपनी प्रीमियम हैचबैक कार बलेनो और कॉम्पैक्ट एसयूवी कार विटारा ब्रेजा की आपूर्ति करेगी जबकि टोयोटा उसे अपनी सेडान कोरोला की आपूर्ति करेगी. Also Read - Toyota की छोटी एसयूवी Urban Cruiser में होंगी ये 5 खास खूबियां

दोनों कंपनियों ने गुरुवार को एक संयुक्त बयान में कहा कि इस समझौते का ब्यौरा बाद में तय किया जाएगा. इनमें बिक्री शुरू करने का समय, वाहनों की संख्या और उनकी विशेषताएं, कीमत आदि का फैसला शामिल होगा. बयान में कहा गया कि इस समझौते के तहत एक दूसरे से प्राप्त वाहनों की आपूर्ति इन कंपनियों की भारतीय इकाइयों टोयोटा किर्लोस्कर मोटर और मारुति सुजुकी इंडिया के नेटवर्क के जरिये की जाएगी. Also Read - ब्रेजा-वेन्‍यू की टक्‍कर में आ रही Toyota Urban Cruiser, 22 अगस्‍त को शुरू होगी बुकिंग

बयान के अनुसार, ‘‘आपसी बेहतरी के लक्ष्य के साथ एक-दूसरे को चुनौती देकर एवं प्रतिस्पर्धा कर के टोयोटा और सुजुकी भारतीय वाहन बाजार को और मजबूत बनाता चाहती हैं ताकि वे भारतीय उपभोक्ताओं को पेश किए जाने वाले अपने-अपने उत्पाद व सेवाओं का और विस्तार कर सकें.’’ Also Read - दिवाली पर मारुति सुजुकी का बड़ा धमाका, इन गाड़ियों पर मिलेंगे 1.3 लाख रुपए तक के ऑफर्स

दोनों कंपनियों ने कहा कि इस अनुबंध के तहत आने वाले मॉडलों के कल-पुर्जे यथासंभव भारत में ही जुटाए जाएंगे ताकि सरकार की मेक इन इंडिया जैसी मुहिम को समर्थन मिल सके.

फैक्ट फाइल

  • भारत की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री दुनिया के सबसे बड़े ऑटो मार्केट्स में शामिल है. देश की जीडीपी में इसका 7.1 फीसदी योगदान है.
  • देश की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी टू व्हीलर सेगमेंट की है. मध्यम वर्ग की बढ़ती समृद्धि और युवा आबादी होने के चलते देश में टू व्हीलर मार्केट का लगातार विस्तार हो रहा है. देश के ऑटोमोबाइल मार्केट में इसकी 80 प्रतिशत हिस्सेदारी है.
  • भारत अंतरराष्ट्रीय ऑटोमोबाइल मार्केट के शीर्ष निर्यातकों में भी शामिल है. अनुमान है कि साल 2010 तक भारत पूरी दुनिया के टू व्हीलर और फोर व्हीलर मार्केट में शीर्ष स्थान हासिल कर लेगा. इसमें मेक इन इंडिया अभियान की भी अहम भूमिका होगी.