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ई-चालान कटने पर अब नहीं लगाना होगा कोर्ट का चक्कर, इस राज्य में खुला पहला वर्चुअल कोर्ट, अदालत जाने की जरूरत ही खत्म
यदि कोई व्यक्ति यातायात नियमों का उल्लंघन करता है तो यातायात पुलिस उल्लंघन करने वाले का चालान करेगी. इसे इलेक्ट्रॉनिक रूप से नामित वर्चुअल कोर्ट में रजिस्टर किया जाएगा. हाईकोर्ट के उप पंजीयक शुभदीप साहा ने कहा कि यदि उल्लंघनकर्ता जुर्माना भरना चाहता है तो वह इसे ऑनलाइन भुगतान की किसी भी प्रणाली के जरिए कर सकते हैं...
ट्रैफिक चालान कटने के बाद कई बार लोगों को कोर्ट जाकर चालान की राशि जमा कर अपने कागज और वाहन को छुड़ाना होता है. ऐसे में लोगों का धन और समय दोनों बर्बाद होता है. कई बार एक दिन में काम भी नहीं होता है. अब लोगों की इस समस्या को हल करने के लिए त्रिपुरा में ट्रैफिक ई-चालान मामलों के लिए पहली वर्चुअल अदालत का उद्घाटन बुधवार को किया गया.
मुख्य न्यायाधीश ने किया उद्घाटन
इसका उद्घाटन त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में त्रिपुरा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने किया. उद्घाटन समारोह के दौरान न्यायमूर्ति एस तालापात्रा, न्यायमूर्ति टी अमरनाथ गौड़, न्यायमूर्ति अरिंदम लोध, न्यायमूर्ति एसजी चटोपाध्याय और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे.
कोर्ट जाने की जरूरत नहीं
न्यायमूर्ति मोहंती ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि त्रिपुरा हाईकोर्ट के लिए आज एक और रेड लेटर डे है क्योंकि यातायात ई-चालान मामलों के लिए वर्चुअल अदालत है. अब वादियों को जुर्माना भरने के लिए अदालत आने की जरूरत नहीं है.
मुख्य न्यायाधीश ने कहा, वादी न्यायपालिका का फोकस हैं. हम चाहे जो भी हों या किसी भी विभाग न्यायाधीश, रजिस्ट्री और पुलिस अधिकारी आदि में काम कर रहे हों हम सभी संविधान के अधीन हैं. हम जो कुछ भी करते हैं या नहीं करते हैं उसका उद्देश्य देश के लोगों की सेवा करना है.
न्यायमूर्ति मोहंती ने कहा कि राज्य में ई-कोर्ट की शुरुआत की गई ताकि वादियों को न्याय के लिए अदालत के चक्कर काटने की जरूरत न पड़े.
राज्य सरकार बनाए लोकप्रिय
वहीं न्यायमूर्ति तालापात्रा ने कार्यक्रम में बोलते हुए राज्य सरकार से ई-चालान मामलों के लिए वर्चुअल कोर्ट को लोकप्रिय बनाने के लिए हर संभव कोशिश करने का आह्वान किया.
न्यायिक मजिस्ट्रेट, प्रथम श्रेणी, अगरतला को यातायात ई-चालान मामलों के लिए वर्चुअल कोर्ट के रूप में नामित किया गया है.
यदि कोई व्यक्ति यातायात नियमों का उल्लंघन करता है तो यातायात पुलिस उल्लंघन करने वाले का चालान करेगी. इसे इलेक्ट्रॉनिक रूप से नामित वर्चुअल कोर्ट में रजिस्टर किया जाएगा. हाईकोर्ट के उप पंजीयक शुभदीप साहा ने कहा कि यदि उल्लंघनकर्ता जुर्माना भरना चाहता है तो वह इसे ऑनलाइन भुगतान की किसी भी प्रणाली के जरिए कर सकते हैं.
गुवाहाटी के बाद, अगरतला उत्तर पूर्व का दूसरा शहर है जहां ई-चालान मामलों को कार्यात्मक बनाया गया है. एक रिपोर्ट के मुताबिक अगरतला में एक महीने में ट्रैफिक पुलिस के पास करीब 7,000 से 7,500 ट्रैफिक उल्लंघन के मामले दर्ज होते हैं.
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