इन खूबियों के चलते हैचबैक कारों से ज्यादा पसंद की जाती हैं SUV, जानिए आपके लिए कौन सा ऑप्शन है बेस्ट

हैचबैक कार को जब आप ड्राइव कर रहे होंगे तो आप सड़क की भीड़ में खुद को दबा हुआ पाते हैं. वहीं कॉम्पैक्ट SUV कारों का रोड प्रजेंस काफी दमदार होता है. इससे ड्राइवर सीट पर बैठेने वाले को ठीक ठाक ड्राइविंग पोजिशन मिलती है..

Published date india.com Published: June 27, 2022 11:07 AM IST
इन खूबियों के चलते हैचबैक कारों से ज्यादा पसंद की जाती हैं SUV, जानिए आपके लिए कौन सा ऑप्शन है बेस्ट
प्रतीकात्मक फोटो

कार निर्माता कंपनियां लोगों की जरूरतों के मुताबिक अलग-अलग सेगमेंट की कार बनाती हैं. कुछ साल पहले तक जहां सिर्फ हैचबैक और SUV ही सबसे ज्यादा डिमांड वाला सेगमेंट था वहीं अब भारत में कॉम्पैक्ट SUV और माइक्रो SUV सेगमेंट की कारें ज्यादा पॉपुलर हो रही हैं. सेल्स डेटा (बिक्री के आंकड़ों) पर भी नजर डालें तो टाटा नेक्सन जैसी सब 4 मीटर एसयूवी कारों को लोग काफी पसंद कर रहे हैं. वहीं माइक्रो एसयूवी में टाटा की पंच जैसी कारें भी सड़कों पर खूब दौड़ लगाती दिखती हैं.

फाइनेंशियल ईयर 2022 के सेल्स डेटा की बात करें तो पिछले 11 महीनों में ब्रेजा,वेन्यू और नेक्सन जैसी एंट्री लेवल एसयूवी की करीब 600,000 यूनिट्स से ज्यादा बिक्री हुई है. SUV कारों के प्रति लोगों बढ़ती दीवानगी का कारण क्या है इसके पीछे की वजह समझिए..

कीमत और कंफर्ट

दरअसल पहले हैचबैक और SUV दो सेगमेंट की कारें थीं और इनकी कीमत में काफी अंतर था. इस वजह से ज्यादातर लोग हैचबैक कारों को पसंद करते थे क्योंकि हैचबैक कारें SUV के मुकाबले सस्ती थीं. अब मार्केट में प्रीमियम हैचबैक कारों की कीमत में ही कई माइक्रो एसयूवी कारें उपलब्ध हैं. इनमें टाटा पंच,रेनो काइगर,निसान मैग्नाइट जैसी बेहतरीन कार हैं और इनकी कीमत भी लगभग 6 लाख रुपये के आसपास ही है. ऐसे में लोगों को जब पैसा उतना ही खर्च करना है तो फिर कोई भी एक कंफर्टेबल और ज्यादा बूट स्पेस वाली SUV खरीदना ही पसंद करेगा.

माइक्रो SUV और एसयूवी कारों में हैचबैक कारों के मुकाबले कंफर्ट और स्पेस ज्यादा मिलता है. ऐसे में ये कारें लॉन्ग ड्राइव के लिए बेहतरीन साबित होती हैं. माइक्रो एसयूवी कारों का ड्राइविंग एक्सपीरियंस भी हैचबैक के मुकाबले ज्यादा बेहतर होता है.

बेहतरीन ग्राउंड क्लियरेंस

SUV कारों को थोड़े बहुत खराब रास्तों पर भी आसानी से चलाया जा सकता है वहीं हैचबैक कारों का ग्राउंड क्लियरेंस ही इतना कम होता है कि इन्हें खराब रास्तों पर चलाना मुश्किल होता है. कॉम्पैक्ट SUV की बात करें तो टाटा नेक्सन का ग्राउंड क्लियरेंस 209mm है. इतना ग्राउंड क्लियरेंस तो कई बड़ी साइज वाली एसयूवी में भी मिलना मुश्किल होता है.

ड्राइविंग पोजिशन और कंट्रोल

हैचबैक कार को जब आप ड्राइव कर रहे होंगे तो आप सड़क की भीड़ में खुद को दबा हुआ पाते हैं. वहीं कॉम्पैक्ट SUV कारों का रोड प्रजेंस काफी दमदार होता है. इससे ड्राइवर सीट पर बैठेने वाले को ठीक ठाक ड्राइविंग पोजिशन मिलती है जिससे बाहर का व्यू काफी क्लियर समझ आता है और ड्राइविंग पर शानदार कंट्रोल महसूस होता है. यदि आप 3-4 हैचबैक कारों के बीच टाटा की माइक्रो एसयूवी पंच को भी खड़ा कर देंगे तो वो इनसे अलग दिखेगी.

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पावरफुल होती हैं SUV

छोटी हैचबैक कारों के मुकाबले एसयूवी कारें थोड़ी ज्यादा पावरफुल होती है. इनमें टर्बो पेट्रोल जैसे पावरफुल इंजन के ऑप्शंस भी मिल जाते हैं. कई एसयूवी कारें डीजल इंजन में भी उपलब्ध हैं जबकि हैचबैक कारों में ऐसा संभव नहीं होता है.

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