बेंगलुरु. कर्नाटक के बेंगलुरु में 4 फरवरी, रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली से ठीक पहले डिग्री गाउन पहनकर कुछ छात्रों ने पकौड़ा बेचा. छात्र मोदी सरकार के रोजगार मुहैया कराने के दावे के विरोध में प्रदर्शन करते हुए पकौड़े बेच रहे थे. प्रदर्शनकारियों के बारे में पुलिस को जैसे ही जानकारी मिली, उन्हें प्रदर्शन स्थल से खदेड़ दिया गया. प्रदर्शनकारी रैली स्थल के नजदीक ही मेहकरी सर्किल पर थे और हर राहगीर को पकौड़े बेच रहे थे. Also Read - पीएम मोदी ने FAO की 75वीं वर्षगांठ पर 75 रुपये का स्मारक सिक्का जारी किया

यही नहीं, प्रदर्शनकारियों ने विरोध में बन रहे पकौड़ों का नामकरण भी किया था. पकौड़ों को ‘मोदी पकौड़ा’, ‘अमित शाह पकौड़ा’ और ‘येद्दि पकौड़ा’ नाम दिया गया था. सभी प्रदर्शनकारियों ने डिग्री गाउन पहना था और वे पीएम की उस बात का विरोध कर रहे थे जिसमें उन्होंने एक इंटरव्यू में पकौड़ा बेचने को रोजगार से जोड़ दिया था. बाद में पुलिस ने उन लोगों को हिरासत में लिया. Also Read - अटल टनल का Inside Video सामने आया, PM मोदी 10 बजे शनिवार को करेंगे उद्घाटन

प्रधानमंत्री को पैलेस ग्राउंड में एक रैली को संबोधित करना था. इस ग्राउंड के पास स्थित महकरी सर्किल के पास छात्र और तथा पकौड़ा बेचने और नौकरी सृजन संबंधी बयान का विरोध किया. इंटरव्यू में उनसे जब अपर्याप्त नौकरी सृजन के बारे में पूछा गया था तो प्रधानमंत्री ने कहा था कि चैनल के स्टूडियो के बाहर अगर कोई पकौड़ा बेचकर प्रतिदिन 200 रुपया कमाता है तो उसे भी नौकरी के तौर पर माना जाना चाहिए. Also Read - Fit India Dialogue: PM मोदी ने विराट कोहली से पूछा, क्या आप को भी YO-YO टेस्ट से गुजरना पड़ता है, जानें टीम इंडिया के कप्तान ने क्या जवाब दिया

प्रधानमंत्री मोदी की इस बात का विरोधियों ने जमकर मखौल उड़ाया था. कांग्रेसी नेता और पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने इसपर कहा था कि अगर पकौड़ा बेचना रोजगार है तो भीख मांगने को भी रोजगार में ही गिना जाना चाहिए. छात्र जिस जगह पकौड़ा बेचकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, उससे कुछ ही दूरी पर बाद में पीएम मोदी ने आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर की गई बीजेपी की परिवर्तन रैली की समापन रैली में हिस्सा लिया और जनसभा को संबोधित भी किया.