नई दिल्‍ली. त्रिपुरा राज्‍य की विधानसभा की 60 सीटों के लिए आगामी 18 फरवरी को चुनाव होने जा रहे हैं. इसके मद्देनजर बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाह की यहां तीन रैली हैं. चुनावी रैली को संबोधित करते हुए शाह ने त्रिपुरा राज्‍य में सत्‍तारूढ़ कम्‍युनिस्‍ट पार्टी (सीपीएम) और सीएम मानिक सरकार पर जमकर हमला बोला. उन्‍होंने कहा- ‘ कल हमारे कार्यकर्ता को लहूलुहान कर दिया गया. बीजेपी हिंसा से नहीं डरती है. वाम दलों को मैं कहने आया हूं कि इस बार मुकाबला भाजपा से है और मैं सारे कार्यकर्ताओं से आह्वान करता हूं की दम के साथ खड़े रहिए. एक बार त्रिपुरा में परिवर्तन करवा दीजिए, लाल झंडे वाले नहीं दिखेंगे.’

शाह ने कहा, ‘हम यहां चल रही हिंसा की राजनीति को बदल कर विकास की राजनीति त्रिपुरा में लाना चाहते हैं. हम त्रिपुरा की परिस्थति, यहां के किसान और बेरोजगारों के जीवन में परिवर्तन करना चाहते हैं.’ उन्‍होंने कहा कि कम्युनिस्ट दुनिया से ख़त्म हो चुकी है और कांग्रेस देश से. बीजेपी अध्‍यक्ष ने कहा कि मुझे इस बात का पूरा भरोसा है कि त्रिपुरा की जनता भी देश और दुनिया के साथ कदम-ताल करते हुए राज्य में भाजपा की सरकार बनाएगी.

भाजपा अध्‍यक्ष ने कहा कि ये मौजूदा सरकार त्रिपुरा का भला नहीं कर सकती, आप यहां ऐसी सरकार लाइए जो मोदी सरकार के साथ मिलकर त्रिपुरा को मॉडल स्टेट बनाने का काम करें. शाह ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस के समय 13वें वित्त आयोग में सेन्ट्रल टैक्स में त्रिपुरा की हिस्सेदारी जहां मात्र 7283 करोड़ रुपए थी, वहीं, आज मोदी सरकार में लगभग तीन गुना बढ़कर 14वें वित्त आयोग में 25396 करोड़ रुपए हो गई है.

त्रिपुरा की 60 सीटों में से 51 सीटों पर बीजेपी और 9 सीटों पर आईपीएफटी चुनाव लड़ रही है. यहां 18 फरवरी को वोट डाले जाएंगे और 3 मार्च को नतीजे आएंगे. बीजेपी अध्‍यक्ष शाह ने रविवार को राज्‍य के मोहनपुर, चौमानू और तेलियामूरा टाउन हॉल में जनसभाएं संबोधित की. उनकी आज तीसरी और आखिरी रैली उनकी शाम साढ़े तीन बजे तेलियामूरा टाउन हॉल में है.

जीत के लिए हरसंभव करेंगे प्रयास
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष त्रिपुरा में अपने अभियानों के जरिए एक तरफ राज्य की जनता को भाजपा के पक्ष में करना चाहते हैं. साथ ही पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच यह संदेश भी देना चाहते हैं कि भाजपा अन्य राज्यों की तरह ही यहां भी पूरी शिद्दत के साथ चुनाव लड़ने उतरी है.

सत्तारूढ़ माकपा के खिलाफ अभियान
त्रिपुरा विधानसभा के लिए बहुत पहले से ही भाजपा ने कमर कस रखी है. बीती 9 फरवरी को पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव अगरतला में थे. राज्य में सत्तारूढ़ माकपा सरकार के खिलाफ बयान देते हुए उस समय उन्होंने कहा था कि उनकी पार्टी राज्य को माकपा के ‘कुशासन’से मुक्ति दिलाना चाहती है. उन्होंने राज्य के मतदाताओं से बिना किसी डर के अपने मत का प्रयोग करने की अपील करते हुए विश्वास जताया कि भाजपा-आईपीएफटी गठबंधन को चुनाव में जीत हासिल होगी.

 25 साल से त्रिपुरा की सत्ता में वाम मोर्चा
सत्तारूढ़ वाम मोर्चा पिछले 25 साल से त्रिपुरा में सत्ता में है. माधव ने ‘चार्जशीट’ नाम का चुनाव प्रचार बुकलेट जारी करते हुए आरोप लगाया कि त्रिपुरा में अपराध दर देश भर में ‘ज्यादा’ है और यहां कानून-व्यवस्था का नियंत्रण माकपा के कार्यकर्ता करते हैं.