नई दिल्ली. गुजरात चुनाव में हार-जीत का फैसला आने के बाद भी बयानबाजी कम होती दिखाई नहीं दे रही है. चुनाव परिणाम के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि गुजरात को कुछ लोगों ने जातिगत राजनीति में दोबारा लाकर खड़ा किया है, फिर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने हार के बाद कहा कि बीजेपी को गुजरात में झटका लगा है. हम मोदी के गुस्से को प्यार से हराएंगे. इसके बाद, गुजरात में जिन युवाओं की तिकड़ी के सहारे कांग्रेस सत्ता में वापसी का सपना संजोए थी उन्होंने मोदी पर हमला बोला. एक टीवी चैनल से खास बातचीत में दलित नेता जिग्नेश मेवाणी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राजनीति से रिटायर होने की सलाह भी दे डाली है. 

Prime Minister Narendra Modi welcomed at the BJP parliamentary party meeting at Parliament library | बीजेपी संसदीय दल की बैठक में मोदी-शाह का स्वागत, चुपचाप खड़े रहे आडवाणी

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चुनाव बाद फिर बढ़ा टेंपरेचर
जिग्नेश मेवाणी की टिप्पणी पर राजनीतिक बयानबाजी फिर तेज हो गई है. बीजेपी ने इसे संगत का असर बताया है वहीं, कांग्रेस ने कहा है कि ये उसी भाषा का परिणाम है जिसे मोदी बोलते आए हैं. दूसरी ओर, राज्यसभा में मनमोहन पर मोदी की टिप्पणी को लेकर भी हंगामा मचा हुआ है. विपक्ष माफी की मांग पर अड़ा है जिससे लगातार सदन की कार्यवाही बाधित हो रही है.

क्या बोले थे जिग्नेश
टीवी चैनल पर दलित नेता जिग्नेश मेवाणी ने पीएम मोदी पर टिप्पणी करते हुए मर्यादा लांघ दी. मेवाणी ने कहा कि मोदी अब बूढे़ हो चले हैं, लेकिन वह अपने पुराने बोरिंग भाषण ही लोगों को सुनाते जा रहे हैं. मेवाणी ने पीएम को ब्रेक लेकर रिटायर हो जाने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि हमने मोदी जी को विकास और नौकरी के मुद्दे पर चुनौती दी थी. उन्होंने आगे कहा कि अब लोगों को मोदी पर नहीं बल्कि हार्दिक, अल्पेश, कन्हैया कुमार पर भरोसा है. उन्होंने आगे कहा कि 2019 के चुनावों में देश का दलित समाज बीजेपी के खिलाफ वोट देगा. मेवाणी ने चुनाव में हार पर कहा कि जीत भले बीजेपी की हुई हो लेकिन नैतिक जीत हमारी ही है. जिग्नेश ने ये भी कहा कि मोदी जी को हिमालय पर चले जाना चाहिए और वहां जाकर हड्डियां गलाना चाहिए.

हार्दिक बोले- मैं आंदोलनकारी हूं, नेता नहीं
पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने बीजेपी को जीत के लिए बधाई देने की बात से इनकार कर दिया. उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि 25 साल बाद गुजरात में एक विपक्ष खड़ा हुआ है. हार्दिक ने कहा कि मैं कोई नेता नहीं बल्कि आंदोलनकारी हूं. जिग्नेश-अल्पेश विधानसभा में जनता की आवाज उठाएंगे, हमें ऐसी उम्मीद है. उन्होंने अल्पेश ठाकोर से अपील की कि वह पाटीदार आरक्षण का मुद्दा उठाएं. वहीं, ओबीसी नेता अल्पेश ठाकोर ने भी इस कार्यक्रम में अपनी बात रखी. ठाकोर ने कहा कि हम सदन में जाएंगे तो ईमानदार लोगों की आवाज को सामने लाएंगे. जो लोग चुनाव से पहले 150+ का नारा दे रहे थे, हम उन्हें 99 पर ले आए. कांग्रेस को हम 46 से 80 पर ले आए. इस बार हम लड़े तो हैं. 

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जिग्नेश-अल्पेश पहुंचे विधानसभा
बता दें कि दलित नेता जिग्नेश मेवाणी ने गुजरात विधानसभा चुनावों में बनासकांठा जिले की वडगाम सीट पर भाजपा के उम्मीदवार विजय चक्रवर्ती को 19696 मतों से हरा कर जीत हासिल की है. वहीं पिछड़े वर्ग के नेता तौर पर उभरे युवा नेता अल्पेश ठाकोर को राधनपुर सीट से जीत हासिल हुई है. उन्होंने भाजपा के सोलंकी ठाकोर को करीब 15000 वोटों से हराया है.

गुजरात में दलितों और पिछड़ों पर हो रहे अत्याचार के विरोध में मोर्चा खोलने वाले जिग्नेश मेवाणी और अल्पेश ठाकोर ने पहली बार राजनीति में कदम रखा है. दोनों नेताओं ने पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने जनता से खुलकर अपील की थी कि भाजपा को हराने के वोट करें. बता दें कि बीजेपी तो गुजरात में 150 सीटें जीतने के दावे कर रही थी, लेकिन गुजरात की जनता ने इन बड़बोले दावों की हवा निकालकर बीजेपी को 99 के फेर में फंसा दिया. जनता ने गुजरात को पूर्ण बहुमत वाली सरकार तो दी, साथ ही मजबूत विपक्ष भी दे दिया.