पीलीभीत. बीजेपी की वरिष्ठ नेता और पीलीभीत से सांसद मेनका गांधी ने अपने बयान से नया हंगामा मचा दिया है. मेनका ने विधायकों पर घूस लेने का आरोप लगाया, जिसके बाद उन्हीं की पार्टी के विधायक बिफर गए हैं. इस बयान के बाद मचे हंगामे ने मेनका को बचाव की मुद्रा में ला दिया और उनके प्रवक्ता को सफाई देनी पड़ी.

दरअसल, बीते शुक्रवार को पीलीभीत के बरखेड़ा ब्लॉक में मेनका की एक पब्लिक मीटिंग थी. इस मीटिंग के दौरान मेनका ने विधायकों पर निशाना साधा और कहा कि कई बार आर्थिक रूप से कमजोर लोग चुनाव जीत जाते हैं और विधायक बनने के एक साल के भीतर ही आलीशान मकान बनवा लेते हैं. मेनका ने कहा कि मेरे पति ने मेरे लिे एक घर छोड़ा था लेकिन लोगों की सेवा के लिए मुझे अपना वो घर तक बेचना पड़ा. आज मैं बिना घर के हूं. सांसद हूं इसलिए सरकारी आवास मिला हुआ है लेकिन हार हुई तो मुझसे वो भी छिन जाएगा.’

मेनका के इस बयान के बाद हंगामा मच गया. पीलीभीत में ही बीजेपी विधायक उनके विरोध में आ गए. बीजेपी के जिलाध्यक्ष सुरेश गंगवार ने कहा कि मेनका गांधी को कोई अधिकार नहीं है कि वह इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल कर पार्टी के विधायकों को अपमानित करें.

हंगामे के बाद मेनका के प्रवक्ता मोहम्मद रिजवान मलिक ने सफाई दी. उन्होंने कहा कि मेनका गांधी ने बीजेपी या किसी भी पार्टी के विधायकों को निशाने पर नहीं लिया था बल्कि उन्होंने उन विधायकों पर सवाल उठाए थे जो भ्रष्ट हैं और पद पर काबिज होने के बाद उसका गलत फायदा उठाते हैं.