नई दिल्ली. गुजरात-हिमाचल के नतीजों के साथ ही जहां दिल्ली स्थित बीजेपी कार्यालय पर कार्यकर्ताओं ने जश्न की शुरुआत कर दी वहीं, अहमदाबाद सहित दिल्ली के कांग्रेस दफ्तर पर सन्नाटा पसरा दिखाई दिया. अहमदाबाद के कांग्रेस दफ्तर में सिर्फ कुछ पत्रकार भर नजर आए.

कांग्रेस के अहमदाबाद स्थित दफ्तर में सन्नाटा पसरा नजर आया. कुछ ही लोग दफ्तर में मौजूद थे, वो भी बाद में धीरे-धीरे चले गए. गुजरात नतीजे आने के साथ ही कांग्रेस-बीजेपी में कड़ी टक्कर दिखाई दे रही थी. एक बार तो रुझानों में कांग्रेस 90 के आंकड़े तक भी पहुंच गई थी लेकिन जैसे जैसे वोटों की गिनती हुई वह सिमटती चली गई.

एक समय ऐसा भी आया, जब कांग्रेस ने भाजपा पर बढ़त बना ली थी और इससे उत्साहित और खुश कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अहमदाबाद और गांधीनगर में जश्न मनाना शुरू कर दिया लेकिन कांग्रेस का जश्न थोड़े देर ही टिक सका. कांग्रेस जब 90 के आंकड़े पर बढ़त बनाए हुई थी, तब देशभर में पार्टी कार्यकर्ता जश्न में डूब गए. लेकिन ज्यों ज्यों कांग्रेस गिनती आगे बढ़ने के साथ पिछड़ी दफ्तरों में सन्नाटा छाने लगा. वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपने निवास से निकलते हुए दिखाई दिए. राहुल से उनकी मां सोनिया गांधी ने भी घर जाकर मुलाकात की थी.

बता दें कि गुजरात में सत्तारूढ़ बीजेपी दोबारा सरकार बनाती दिख रही है. मतगणना के रुझानों में बीजेपी 182 में से 104 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. मतगणना के एक पड़ाव में बीजेपी को पीछे छोड़ने के बाद कांग्रेस अब एक बार फिर भाजपा से पिछड़ गई है. निर्वाचन आयोग के अधिकारियों का कहना है कि कांग्रेस 75 सीटें जीत सकती हैं. बीजेपी ने 2012 के विधानसभा चुनाव में 115 सीटें और कांग्रेस ने 61 सीटें जीती थीं.

बीजेपी समर्थकों ने अहमदाबाद और गांधीनगर सहित देशभर में जश्न मनाना शुरू कर दिया है. मोदी ने संसद परिसर के बाहर चुनाव चिह्न बनाते हुए खुशी जाहिर की. गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली में कहा, “हम गुजरात और हिमाचल प्रदेश दोनों राज्यों में सरकार बनाएंगे.” इससे पहले कांग्रेस प्रवक्ता शोभा ओझा ने पार्टी के जीतने की उम्मीद जताई थी. उन्होंने कहा, “लोग गुजरात में बीजेपी के 22 साल के कुशासन से थक गए हैं. बीजेपी जिस गुजरात मॉडल की छाती ठोककर बात करती है, उसने गुजरात में काम नहीं किया. हमें विश्वास है कि हम गुजरात में सरकार बनाएंगे.”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद गुजरात में पहली बार विधानसभा चुनाव हो रहे हैं.