गांधीनगर. हाल ही में लोकसभा और बीजेपी से इस्तीफा दे चुके नाना पटोले ने गांधीनगर की चुनाव रैली में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ मंच साझा किया. पटोले ने रैली से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा. उन्होंने दावा किया कि उनसे मिलने के लिए गये वरिष्ठ सांसदों के साथ उन्होंने ‘अभद्र’ व्यवहार किया था.

रैली को संबोधित करते हुये पटोले ने कहा कि उन्होंने बीजेपी से अलग होने का निर्णय इसलिए लिया क्योंकि नरेंद्र मोदी किसानों के मुद्दों को सुलझाने में नाकाम रहे और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के अपने वादों पर कायम नहीं रहे. 

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महाराष्ट्र के भंडारा-गोंडिया संसदीय क्षेत्र से पूर्व सांसद ने आरोप लगाया कि एक बार मोदी से मिलने उनके आवास पर गये वरिष्ठ सांसदों के साथ उन्होंने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया.

राजनीतिक फायदे के लिए मोदी खेल रहे ओबीसी कार्ड
इससे पहले भी नाना पटोले ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा था. 9 दिसंबर को उन्होंने पीएम मोदी पर राजनीतिक फायदे के लिए उनकी ओबीसी पहचान के इस्तेमाल का आरोप लगाया. पटोले किसानों के मुद्दे को लेकर केंद्र और राज्य सरकार की आलोचना करते रहे हैं. उन्होंने यह आरोप लगाकर इस्तीफा दे दिया था कि बीजेपी लोगों से किए गए वादों को पूरा करने में विफल रही है.

एक संवाददाता सम्मेलन में पटोले ने प्रधानमंत्री पर ‘दोहरी नीति’ अपनाने का आरोप लगाया. उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी राजनीतिक फायदे के लिए अपनी ओबीसी पृष्ठभूमि का इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि उन्होंने अत्यंत पिछड़ा वर्ग और किसानों के फायदे के लिए कुछ भी नहीं किया है. पटोले ने कहा, ‘प्रधानमंत्री ने कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के बयान पर एक चुनावी सभा में कहा था कि उनको इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वह नीची जाति से आते हैं. प्रधानमंत्री की इस दोहरी नीति से मुझे वास्तव में गुस्सा आ गया.’ पूर्व बीजेपी नेता भंडारा-गोंदिया सीट से लोकसभा के लिए चुने गए थे. 

बीजेपी को झटका, किसानों के मुद्दे पर सांसद नाना पटोले ने दिया इस्तीफा

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पटोले ने दावा किया, ‘पिछले वर्ष प्रधानमंत्री के साथ बैठक में मैंने ओबीसी से जुड़ी समस्याओं को उठाया था और उनके लिए अलग मंत्रालय की मांग की थी. प्रधानमंत्री मोदी ने हालांकि मुझपर चिल्लाते हुए इसकी जरूरत पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि ओबीसी को इसकी जरूरत नहीं है.’ उन्होंने कहा कि अब प्रधानमंत्री अपनी पृष्ठभूमि को लेकर वोट मांग रहे हैं. पटोले ने आरोप लगाया कि उनके द्वारा किसानों के मुद्दे उठाने और कृषि क्षेत्र के लिए केंद्र के अधिक योगदान की मांग किये जाने पर भी मोदी उन पर नाराज हो गए.