गाजियाबाद. बीजेपी ने गाजियाबाद नगर इकाई के अध्यक्ष अजय शर्मा को पद से हटा दिया. शर्मा द्वारा राजनगर इलाके में एक हिंदू महिला और मुस्लिम पुरुष के विवाह को ‘लव जिहाद’ का मामला बताकर रोका गया था. शादी पर बवाल पैदा करने पर शर्मा ने बीजेपी की किरकिरी कर डाली थी.

उत्तर प्रदेश बीजेपी के राज्य महासचिव विद्यासागर सोनकर द्वारा लिखे गए एक पत्र के मुताबिक शर्मा को पद से हटा दिया गया है और गाजियाबाद नगर इकाई के महासचिव मान सिंह गोस्वामी को कार्यवाहक नगर अध्यक्ष के तौर नियुक्त किया गया है. सोनकर ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष डा. महेंद्रनाथ पांडेय ने राजनगर में युवती की शादी के बाद रिसेप्शन में हुए बवाल को गंभीरता से लिया था. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए कमिश्नर को सख्त जांच के आदेश भी दिए थे. तभी से माना जा रहा था कि अजय शर्मा पर गाज गिरनी तय है.

राजनगर निवासी एक प्रतिष्ठित परिवार की एक डाक्टर युवती ने अलीगढ़ निवासी दूसरे संप्रदाय के एमबीए किए युवक के साथ परिवार वालों की सहमति से कोर्ट मैरिज की थी. शुक्रवार को युवती पक्ष ने युवक पक्ष के लिए एक डिनर का आयोजन किया था और दोनों की शादी की रस्म पूरी होनी थी. अलग-अलग संप्रदाय के युवक-युवती की शादी की सूचना मिलते ही हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता लव-जिहाद का इल्जाम लगाते हुए मौके पर इकट्ठा हो गए. महानगर अध्यक्ष अजय शर्मा के नेतृत्व में बीजेपी के भी कई कार्यकर्ता युवती के घर पहुंच गए.

जब पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो बीजेपी कार्यकर्ताओं और पुलिस में काफी नोकझोंक हुई. पुलिस से नोकझोंक के बीच भाजपाई युवती पक्ष से बातचीत करने पर अड़े रहे. पुलिस ने युवती पक्ष को बुलाकर बीजेपी व हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं से मिलवाया. इस मुलाकात में युवती पक्ष ने साफ किया कि ये शादी दोनों परिवारों की आपसी सहमति से हुई है और वह किसी प्रकार का विरोध प्रदर्शन नहीं चाहते. इसके बावजूद बीजेपी महानगर अध्यक्ष के नेतृत्व में कार्यकर्ता बवाल काटते रहे. पुलिस ने उन्हें रोका तो वह पुलिस से भिड़ गए. इसके बाद पुलिस ने उनपर लाठीचार्ज कर दिया और लाठी बरसाकर उन्हें खदेड़ दिया. कार्यकर्ता दोबारा मौके पर पहुंचे और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. उन्होंने लाठीचार्ज का विरोध कर पुलिस-प्रशासन व एसएसपी के खिलाफ नारेबाजी भी की. सड़क पर खड़े वाहनों में तोड़फोड़ की भी कोशिश की गई. इसके बाद पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए दोबारा उनपर लाठीचार्ज किया और उन्हें वहां से खदेड़ा.

पार्टी के फैसले पर अजय शर्मा ने कहा कि कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज किया गया था, मैंने उनका साथ दिया. उनके खिलाफ हुई कार्रवाई का मैंने विरोध किया था. आगे भी कार्यकर्ताओं के साथ रहूंगा. हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि संगठन ने जो फैसला लिया है, मैं उसका सम्मान करता हूं. मुझे राज्य प्रधान कार्यालय से पत्र मिल गया है और मैं निर्देशों का पालन करूंगा.

(भाषा से प्राप्त जानकारी के साथ)