पटना: बिहार की राजधानी के रूपसपुर थाना क्षेत्र से दो दिन पूर्व अगवा एक डॉक्टर के बेटे का शव शनिवार को उसके घर से कुछ ही दूरी पर एक खेत में पाया गया. इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को अरेस्ट किया है. सिटी एसपी रवींद्र कुमार ने बताया कि दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और दो की तलाश है. पुलिस के एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि शव को देखने से लगता है कि सत्यम की हत्या गुरुवार को ही कर दी गई थी और उसके बाद अपहर्ता फिरौती की मांग कर रहे थे.

पुलिस के मुताबिक, रूपसपुर क्षेत्र के रहने वाले डॉक्टर डॉ. शशिभूषण प्रसाद गुप्ता का 15 साल का बेटा सत्यम 27 सितंबर को कोचिंग के लिए घर से निकला था. वह जब देर शाम तक घर नहीं लौटा, तब परिजनों ने उसकी काफी खोजबीन की. जब उसका कोई सुराग नहीं लगा तब इसकी सूचना रूपसपुर थाने को दी गई.

परिजनों के मुताबिक, सत्यम का अपहरण कर लिया गया. अपहर्ता बतौर फिरौती, 50 लाख रुपए लगातार मांगते रहे. पुलिस इस बीच सत्यम की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही थी. शनिवार को उसका शव उसके घर से ही कुछ दूरी पर इंजीनियरिंग कॉलेज के पास खेत से बरामद हुआ. उसकी हत्या चाकू से गोद-गोदकर की गई है.
पुलिस इस मामले में सत्यम के कुछ दोस्तों सहित छह लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. पुलिस मामले की छानबीन कर रही है. संभव है, पुलिस हत्यारों तक जल्द पहुंच भी जाए. लेकिन वह डॉ. शशिभूषण को उनका प्यारा सत्यम नहीं लौटा सकती. राज्य में इस तरह की घटनाएं लगातार हो रही हैं. ‘सुशासन’ शब्द अब सिर्फ सत्ताधारी नेताओं के बयानों तक सीमित रह गया है.