पटना. राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) और भाजपा के बीच लोकसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे को लेकर समझौता नहीं हुआ है. रालोसपा के नेता और केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा लगातार इस बारे में बयानबाजी कर रहे हैं. वहीं, उनकी पार्टी के विधायक इस मुद्दे पर मीडिया से दूरी बनाए हुए हैं. रालोसपा के विधायक सुधांशु शेखर पिछली रात भाजपा विधायक दल की बैठक में पार्टी के एक अन्य विधायक के साथ शामिल हुए लेकिन मंगलवार को भविष्य के राजनीतिक कदम को लेकर पूछे गए सवालों से वह बचते नजर आए.Also Read - Arogya Vatika: यूपी के सभी स्कूलों, कॉलेजों में होगी आरोग्य वाटिका, ये है योगी सरकार का मकसद

केंद्रीय मंत्री उपेन्द्र कुशवाहा की इस पार्टी के 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में दो विधायक हैं. कुशवाहा ने बिहार में राजग के सहयोगी दलों के बीच सीट बंटवारे के समझौते के लिए 30 नवम्बर की समय सीमा तय कर रखी है और कहा है कि रालोसपा को फॉर्मूला सम्मानजनक नहीं लगा तो भाजपा नीत गठबंधन में बने रहने की समीक्षा कर सकते हैं. Also Read - सम्बन्ध खराब थे, फिर भी TMC में सम्मान मिला, ममता दीदी का आभारी हूं: बाबुल सुप्रियो

शेखर और रालोसपा के विधायक ललन पासवान ने सोमवार की रात को उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के आवास पर आयोजित भाजपा विधायक दल की बैठक में हिस्सा लिया था, जहां विधानसभा के शीत सत्र के दौरान पार्टी की रणनीति पर चर्चा हुई. बहरहाल, विधानसभा परिसर से बाहर हुई गतिविधियों के बारे में पूछे जाने पर शेखर ने कहा कि कुछ भी अलग नहीं है. रालोसपा राजग में है और भाजपा के साथ हमारा गठबंधन है. गठबंधन के अंदर मतभेद पारिवारिक विवाद की तरह हैं. इनका समाधान कर लिया जाएगा. पहली बार विधायक बने शेखर हरलाखी विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में जीते थे जो उनके पिता के निधन के कारण खाली हुई थी. Also Read - BJP ने दिल्ली के 3 पार्षदों को किया निष्कासित, कुछ और पर भी गिरेगी गाज, ये है वजह