पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को प्रवासी श्रमिकों के किराए को लेकर मचे घमासान के बीच साफ किया कि विशेष ट्रेनों से लौट रहे प्रवासी मजदूरों और छात्रों से भाड़ा नहीं लिया जाएगा. उन्‍होंने कहा कि प्रवासी मजदूरों को लौटने के दौरान लगे किराए का पैसा भी लौटाया जाएगा और इसके अलावा भी उन्‍हें कम से कम 1000-100 रुपए की राशि दी जाएगी. सीएम ने कहा कि श्रमिकों को 21 दिनों का पृथक-वास पूरा करने के बाद ये पैसा लौटाया जाएगा एवं अन्य सहायता भी दी जाएगी. Also Read - मुश्किल वक्त में प्रवासी मजदूरों के साथ हर समय खड़ी है समाजवादी पार्टी, हर संभव करेंगे मदद : अखिलेश यादव

कुमार ने एक वीडियो संदेश में कहा कि ये उपाय तो पहले से किए गए हैं. उन्होंने लोगों के बीच भ्रम के लिए विपक्ष की बयानबाजी को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि इसे दूर करना अनिवार्य है. उन्होंने कहा कि प्रवासी मजदूरों को रेलवे स्टेशनों से संबंधित प्रखंडों में पहुंचाया जा रहा है जहां उन्हें 21 दिनों के लिए पृथक वास में रहना होगा और जब वे बाहर आएंगे, तब उन्हें पूरा (किराया) खर्चा लौटाया जाएगा और उन्हें 500-500 रुपए की अतिरिक्त सहायता भी दी जाएगी और इस प्रकार हर श्रमिक को न्यूनतम 1000 रुपए मिलेंगे. Also Read - #SexBan: ब्रिटेन में सेक्स को लेकर नया कानून, शारीरिक संबंधों पर बैन, लोगों ने कहा जब सरकार ही...

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा,  मैं बिहार के लोगों को वापस भेजने के सुझाव पर विचार करने के लिए केंद्र को धन्यवाद देना चाहता हूं, जो अन्य राज्यों में फंसे बिहार के लोगों को वापस बिहार भेजने के लिए हैं. किसी को भी टिकट के लिए भुगतान नहीं करना पड़ेगा. उनके लिए यहां एक  पृथक वास केंद्र स्थापित किया गया है.

मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि कोटा जैसे स्थानों से राज्य लौट रहे विद्यार्थियों को किराया नहीं देना होगा. राज्य सरकार सीधे रेलवे को इसका भुगतान कर रही है. मुख्‍यमंत्री ने कहा कि छात्रों से कोई भाड़ा नहीं लिया जा रहा है.