पटना: बिहार में अगले वित्तीय वर्ष से भू-लगान केवल ऑनलाइन जमा होगा, जिसका भुगतान क्रेडिट और डेबिट कार्ड से किया जा सकेगा. इसके लिए बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया है. सुशील मोदी ने भू-अर्जन के प्रत्येक चरण की कार्रवाई और भुगतान को कंप्यूटराइज्ड करने और भविष्य में भूधारियों को होने वाले मुआवजे के भुगतान को सीएफएमएस प्रणाली से जोड़ने का भी निर्देश दिया है.

उन्होंने बताया कि ऑनलाइन प्रक्रिया से काम में काफी तेजी आई है. उन्होंने कहा कि दाखिल या खारिज के लिए जो याचिकाएं आई थीं, उनमें से 15 जनवरी, 2020 तक करीब 64 फीसदी का निष्पादन किया जा चुका है. शेष याचिकाओं को भी शीघ्रता के साथ निष्पादन किया जा रहा है. इसके साथ ही जमाबंदी को भी डिजिटल प्रक्रिया के साथ बिहार सरकार की वेबसाइट पर प्रकाशित किया जा चुका है.

ऑनलाइन भू-लगान भुगतान की प्रक्रिया शुरू होने के बाद 2019-20 में 15 जनवरी तक 18.16 लाख भूधारियों ने ऑनलाइन लगान जमा किया, जिससे 29.89 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ. उन्होंने कहा कि राज्य के प्रत्येक इलाके में इस साल फरवरी के अंत तक चार-चार डाटा एंट्री ऑपरेटर की सेवा उपलब्ध करा दी जाएगी, जिससे भू-अभिलेखों के कम्प्यूटरीकृत संधारण, दाखिल-खारिज व अन्य कायरें में तेजी आ सके.

उल्लेखनीय है कि सुशील मोदी ने शुक्रवार को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की थी, जिसमें विभाग के अपर मुख्य सचिव विवेक सिंह, वित्त सचिव राहुल सिंह के अलावा अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे.