पटना/औरंगाबाद: बिहार के औरंगाबाद में भारतीय रेल बिजली कंपनी लिमिटेड (बीआरबीसीएल) के कर्मचारियों और उनके परिवार वालों को बंधक बनाने का तीन दिन से चल रहा संकट खत्म हो गया है. अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार शाम को हुई बैठक के दौरान संकट सुलझ गया जहां यह फैसला लिया गया कि बीआरबीसीएल तब तक गांवों को बिजली की आपूर्ति देगी जब तक दक्षिण बिहार बिजली वितरण कंपनी लिमिटेड (एसबीपीडीसीएल) बिजली के कनेक्शन मुहैया नहीं करा देती. Also Read - 24 घंटे सस्ती बिजली कैसे पाएं, ऊर्जा मंत्री ने बताया तरीका

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औरंगाबाद के जिला मजिस्ट्रेट राहुल रंजन महिवाल ने कहा, ‘गतिरोध सुलझ गया है.’ हालांकि उन्होंने इस मुद्दे के बारे में विस्तार से बताने से इनकार कर दिया. औरंगाबाद जिला प्रशासन और बीआरबीसीएल के प्रतिनिधि तथा गांव वाले बैठक में शामिल हुए. गांव वालों ने बीआरबीसीएल के करीब 150 कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों को रविवार से बंधक बना रखा था. वे अपने गांवों में बिजली बहाल करने की मांग कर रहे थे. Also Read - बाल ठाकरे के स्मारक के स्थान पर अस्पताल बनना चाहिए: AIMIM सांसद

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गांव वालों का कहना था कि उनके गांवों में बिजली आपूर्ती ठप थी. इस कारण उन्हें बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था. कई बार शिकायत के बाद भी कोई हल नहीं निकाला जा रहा था, इस कारण उन्हें दूसरे कदम उठाकर बिजली विभाग के कर्मचारियों और उनके परिवारों को बंधक बनाना पड़ा.