बेगुसराय (बिहार): बिहार के बेगूसराय जिले के भगवानपुर बाजार स्थित दुर्गा मंदिर के निकट मंगलवार की शाम जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार के समर्थकों और दुर्गा पूजा समिति के सदस्यों के बीच वाहन पार्क करने को लेकर झड़प हो गई, जिससे पूर्व छात्र नेता के काफिले में शामिल करीब आधा दर्जन वाहनों के शीशे क्षतिगस्त हो गए, जबकि समिति के दो कार्यकर्ता जख्मी हो गए.

भगवानपुर थाना अध्यक्ष दीपक कुमार ने बताया कि घायलों का इलाज स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कराया जा रहा है. घायलों के लिखित आवेदन के मद्देनजर कन्हैया के काफिले के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. पीड़ित के बयान पर प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है.

वहीं दूसरी ओर बरौनी थाना अध्यक्ष गजेंद्र सिंह ने बताया कि कन्हैया एवं उनके समर्थकों ने अपने ऊपर जानलेवा हमला किए जाने की शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस मामले की छानबीन कर रही है.

कन्हैया मंसूरचक में आयोजित जनसभा को संबोधित कर वापस अपने घर बीहट लौट रहे थे, तभी रास्ते में भगवानपुर बाजार एक निजी कोचिंग शिक्षण संस्थान के संचालक से मिलने के लिए वहां रुके.

कन्हैया के काफिले में शामिल वाहनों के कारण सड़क जाम होने पर वाहनों को सड़क किनारे पार्क किए जाने को लेकर स्थानीय दुर्गा पूजा समिति के कार्यकर्ताओं के साथ उनके समर्थकों की हुई झड़प में समिति के दो कार्यकर्ता जख्मी हो गए .

दुर्गा पूजा समिति के कार्यकर्ताओं के जख्मी होने से आक्रोशित स्थानीय लोगों ने कन्हैया के काफिले पर हमला बोल दिया और इसमें शामिल लगभग आधा गाड़ियों के शीशे आक्रोशित लोगों ने तोड़ दिए.

हालांकि, कन्हैया के कोचिंग संस्थान के भीतर होने के कारण उन्हें कुछ नहीं हुआ. कुमार के पटना एम्स में एक जूनियर डॉक्टर और एक सुरक्षा गार्ड पर हमला करने को लेकर सोमवार को फुलवारीशरीफ थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी.

कन्हैया के समर्थकों ने एम्स में की थी मारपीट 
एक दिन पहले ही पटना स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के चिकित्सकों ने कन्हैया कुमार और उनके सैकड़ों समर्थकोंं के खिलाफ फुलवारीशरीफ थाना में एफआईआर दर्ज कराई थी. एम्स के डॉक्टरों का आरोप था कि कन्हैया रविवार की रात एम्स में भर्ती अपने एक मित्र और एआईएसएफ नेता सुशील कुमार से मिलने यहां पहुंचे थे.

डॉक्टरों से दुर्व्यवहार किया
कन्हैया के साथ करीब 40-50 समर्थकों ने उनके साथ ट्रॉमा इमरजेंसी में जाने का प्रयास किया. कन्हैया के समर्थकों को जब सुरक्षा गार्ड ने रोकने की कोशिश की तो गार्ड के साथ मारपीट की गई. वार्ड में तैनात डॉक्टरों ने जब उनके समर्थकों को वापस जाने को कहा तब भी समर्थक वापस नहीं गए और उन्होंने डॉक्टरों से दुर्व्यवहार किया. एम्स में काफी देर तक लेकर हंगामा होता रहा.