Bihar Assembly Election 2020: बिहार के चुनावी समर में इस बार रोजगार मुख्य मुद्दा है तो वहीं कोरोना वैक्सीन पर भी दांव लगाया गया है. बात करें रोजगार की तो बिहार चुनाव में रोजगार का असर अगर दिखा तो फिर देश में आने वाले चुनावों में भी यह मुद्दा उभर कर सामने आ सकता है। पहली बार देश में बिहार में रोजगार मुख्य मुद्दा बना है जिसे हर मुख्य पार्टी ने तवज्जो दी है. इस मुद्दे से बिहार में चुनावी हवा बदली है.Also Read - चिराग पासवान ने 'जहरीली शराब' को लेकर राज्यपाल को लिखी चिट्ठी, बिहार में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की

इससे पहले कभी भी विधानसभा चुनाव हो या लोकसभा चुनाव, रोजगार मुख्य मुद्दा नहीं बना. वैसे हर चुनाव में विपक्ष रोजगार के मुद्दे उठाता जरूर है, लेकिन कभी ऐसा नहीं दिखा कि यह चुनाव का प्रमुख मुद्दा बना हो और चुनाव पर असर डाल रहा हो, लेकिन बिहार में जिस प्रकार से रोजगार का मुद्दा केंद्र बिन्दु में आ चुका है, इससे स्पष्ट संकेत है कि रोजगार के मुद्दे पर बिहार की राजनीतिक हवा बदल रही है. Also Read - Bihar Politics: बिहार में फिर होगी उलट-फेर? मुकेश सहनी ने दिए बड़े संकेत, तेजस्वी को बताया-छोटा भाई

वहीं बिहार में रोजगार के साथ कोरोना वैक्सीन का फ्री में टीकाकरण का मुद्दा भी जोर पकड़ रहा है, लेकिन यह कितना कारगर होगा, कह नहीं सकते, क्योंकि वैक्सीन अभी तक अधर में है. अभी कोरोना वैक्सीन कबतक उपलब्ध होगा, ये तय नहीं है. लेकिन रोजगार ने चुनावी छटा को बदल दी है. खासकर युवा वर्ग इसे लेकर उत्साहित है और इसपर गंभीर है. Also Read - UP Assembly Election 2022: भाजपा से मिली निराशा, जदयू ने कहा-अब यूपी में हम अपने दम पर लड़ेंगे चुनाव

भारत के संदर्भ में यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि हमारी युवा आबादी बढ़ रही है. 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत में करीब 35 फीसदी आबादी युवा है और बेरोजगारी देश की सबसे बड़ी समस्या बनी हुई है. ऐसे में बिहार से उठी इस आवाज से अगर चुनाव परिणाम पर फर्क पड़ता है तो फिर देश की चुनावी हवा में परिवर्तन होना तय है.

इसकी सबसे पहले आवाज राजद ने उठाया और इसे सबसे बड़ा मुद्दा बनाकर ट्रंप कार्ड के रूप में इस्तेमाल किया है. राजद के 10 लाख नौकरियों का वादा किया जिसके बाद भाजपा ने 19 लाख रोजगार के अवसर पैदा करने का आश्वासन दिया, उससे साफ है कि राजनीतिक दल भी इस मुद्दे की अहमियत को समझ रहे हैं.

वहीं, बिहार चुनाव में भाजपा के फ्री कोरोना वैक्‍सीन के वादे को चुनाव आयोग ने क्‍लीन चिट दे दी है. आयोग ने कहा है कि यह वादा चुनाव आचार संहिता का उल्‍लंघन नहीं है. आरटीआई कार्यकर्ता साकेत गोखले ने इस मामले चुनाव आयोग से शिकायत की थी.

भाजपा ने बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के लिए अपने संकल्‍प पत्र (घोषणा पत्र) में बिहार में कोरोना का फ्री टीका लगवाने का वादा किया है. इस पर बिहार में सियासत गर्मा गई थी. विपक्षी दलों ने भाजपा पर चुनाव आचार संहिता के उल्‍लंघन का आरोप लगाया था. हालांकि भाजपा नेता लगातार कह रहे थे पार्टी के वादे से कहीं भी आचार संहिता का उल्‍लंघन नहीं हुआ है. अब चुनाव आयोग ने भी इस पर मुहर लगा दी है.