Bihar Assembly Election 2020: विधानसभा चुनाव को लेकर नेताओं के भाषणों और चुनावी रैलियों का दौर जारी है. नेता अपनी रैली में दावे और वादे खूब कर रहे हैं. सभी नेता जनता को लुभाने के लिए तमाम तरीके अपना रहे हैं. ऐसा ही एक वाकया समस्तीपुर जिले के  रोसड़ा सीट के लिए कांग्रेस के उम्मीदवार का एक तरीका देखने को मिला है. जनता से वादा करने के दौरान ये प्रत्याशी इतने उत्साहित हो गए कि एक बैठक में उन्होंने अपना कुर्ता ये कहते हुए फाड़ दिया कि जब तक अपने इलाके को जिला के रूप में स्थापित नही करूंगा कुर्ता नहीं पहनूंगा. Also Read - बिहार विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद अब इस तैयारी में विपक्षी महागठबंधन...

बता दें कि समस्तीपुर जिले के 10 विधानसभा क्षेत्रों में से पांच विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव दूसरे चरण में है और बाकी के 5 विधानसभा क्षेत्र का चुनाव तीसरे और अंतिम चरण में संपन्न होगा. दूसरे चरण में होने वाले चुनाव के सीटों में रोसड़ा, हसनपुर, विभूतिपुर, उजियारपुर और मोहिउद्दीन नगर शामिल हैं. Also Read - तेजस्वी ने नीतीश पर की व्यक्तिगत टिप्पणी, सीएम बोले- राजनीति में आगे बढ़ना है तो ठीक से व्यवहार करना सीख लो

इस क्षेत्र में चुनाव की बात करें तो वैसे यहां की सभी सीटों पर चुनाव रोचक होनेवाला है लेकिन रोसड़ा विधानसभा का चुनाव अत्यंत ही रोचक हो गया है, वो इसलिए कि अब इस विधानसभा से अपने माथे पर जीत का सेहरा बांधने के लिए नेताजी भारी सभा मे अपना कुर्ता फाड़कर भीष्म प्रतिज्ञा ले रहे हैं. Also Read - Bihar Politics: तेजस्वी यादव पर भड़के नीतीश कुमार, बोले- मेरे दोस्त का बेटा है, इसलिए सुन लेता हूं

रोसड़ा से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे नागेंद्र कुमार विकल के समक्ष विधानसभा चुनाव में रोसड़ा को जिला बनाने की मांग भी काफी जोर शोर से उठाया जा रहा है, ऐसे में कांग्रेस प्रत्याशी नागेंद्र कुमार विकल इस मुद्दे को अपने हाथ से नहीं जाने देना चाहते हैं. विकल ने अपने कार्यकर्त्ताओं के साथ रोसड़ा में आयोजित एक बैठक में अपना कुर्ता ये कहते हुए फाड़ दिया कि जब तक रोसड़ा को जिला के रूप में स्थापित नही करूंगा कुर्ता नहीं पहनूंगा, सिर्फ धोती ही पहनूंगा.

कांग्रेस के प्रत्याशी द्वारा की गई इस भीष्म प्रतिज्ञा को देखकर उनके पीछे चल रहे कार्यकर्ता भी कहां पीछे रहने वाले थे उन्होंने भी अपने नेता के हौसले को बढ़ाने के लिए फूलों के माला गले मे डाल कर हौसला बढ़ाया और जिन्दाबााद के नारे लगाए.