Bihar Assembly Election 2020 : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को एक चुनावी सभा के दौरान विरोध में नारेबाजी कर रहे युवकों से कहा कि वे अपने माता-पिता से जाकर ‘राजद शासनकाल’ के बारे में पूछ लें. उन्होंने युवकों से कहा कि उनकी मां सही-सही बात बताएंगी. मुजफ्फरपुर के कांटी में आयोजित एक चुनावी सभा के दौरान नीतीश कुमार की सभा में कुछ लोगों ने मुर्दाबाद के नारे लगाये. इस पर नीतीश ने नारेबाजी कर रहे लोगों से कहा, “क्यों मुर्दाबाद कह रहे हो, जिसको जिंदाबाद कह रहे हो उसको सुनने के लिये जाओ.” उन्होंने कहा, ‘हम समाज को एक करने में लगे हुए हैं और वह लोग लगे हुए कि समाज को फिर बांट दो . फिर झगड़ा का माहौल पैदा कर दो.’Also Read - चिराग पासवान ने 'जहरीली शराब' को लेकर राज्यपाल को लिखी चिट्ठी, बिहार में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की

नीतीश ने नारेबाजी करने वाले युवकों से कहा, ‘आप लोगों को यहां कोई कुछ नहीं करेगा. 10 लोग हो और यहां हजारों लोग हैं. कोई तुमको कुछ नहीं करेंगे. कुछ करेंगे तो उनको लाभ मिलेगा.’ जदयू प्रमुख ने प्रदेश की पिछली राजद सरकार के शासन काल की ओर इशारा करते हुए नारेबाजी करने वालों से पूछा, ‘ क्या हाल था . अपने माता—पिता से जाकर पूछ लो कि शाम होने के बाद घर से बाहर निकल पाते थे . स्कूल में पढ़ाई होती थी . कोई इलाज होता था . जरा जान लो . पूछ लो घर के अंदर और पिता ठीक नहीं बताएगा लेकिन अपनी माता से पूछोगे वह सही बात बतला देगी.’ Also Read - Bihar में बढ़ाई गई कोरोना पाबंदियां, 6 फरवरी तक लागू रहेंगे सभी मौजूदा प्रतिबंध; जानें क्या बोले नीतीश कुमार

उन्होंने राजद प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद और उनकी पत्नी एवं पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी का नाम लिए बिना उनकी ओर इशारा करते हुए कहा, ‘क्या करते थे जी. पति (लालू) अंदर (चारा घोटाला मामले में जेल) गए तो पत्नी (राबडी) को गद्दी (मुख्यमंत्री पद) पर बिठा दिया . महिलाओं के उत्थान के लिए कोई काम हुआ . गरीब बच्चे प्राथमिक विद्यालय भी नहीं जा पाते थे.’ Also Read - Bihar Liquor News: बिहार में शराबबंदी कानून में ढील की तैयारी में नीतीश सरकार! पहली बार शराब के साथ पकड़े गए तो सिर्फ...

नीतीश ने उन युवकों से कहा कि कुछ लोग भ्रम में डालकर वोट लेना चाहते हैं लेकिन लोग होशियार रहें. उन्होंने कहा कि कुछ लोगों का काम है आपस में झगड़ा करा देना. इस तरह का काम वैसे लोग करते हैं, जिनको काम करने में रुचि नहीं है. कुछ लोग मेरे खिलाफ बोलते हैं. हम उनको धन्यवाद देते हैं. मेरे खिलाफ बोलने से मेरा प्रचार होता है. मेरे खिलाफ बोलते रहिए, इससे मुझे कोई एतराज नहीं है.