Bihar Assembly Election 2020: जन अधिकार पार्टी प्रमुख व पूर्व सांसद पप्पू यादव ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस बड़ी पार्टी है और महागठबंधन में अगर वह लीड करे तो मैं समर्थन करने को तैयार हूं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस राष्ट्रीय पार्टी है उसके नेताओं को   नेताओं को अपने दल की ताकत को समझना चाहिए और बिहार में नेतृत्व का जिम्मा कांग्रेस को अब लेनी चाहिए. Also Read - कांग्रेस PM राहत कोष पर जवाब नहीं दे सकती तो ‘PM केयर्स’ पर सवाल पूछने का अधिकार नहीं: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

पप्पू यादव ने कहा कि अगर कांग्रेस महागठबंधन का नेतृत्व करे तो मैं समर्थन करने के लिए तैयार हूं. उन्होंने ये भी कहा कि नेतृत्व की कमान किसी अतिपिछड़ा या दलित नेता को ही मिलनी चाहिए. Also Read - Unlock-4: बिहार से नेपाल, यूपी और झारखंड के लिए जल्द खुलेंगी बसें, हो रही तैयारी

गुरुवार को पार्टी कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आता जा रहा है महागठबंधन में दरारें पड़ती जा रही हैं. महागठबंधन के बड़े नेताओं रघुवंश प्रसाद सिंह, उपेन्द्र कुशवाहा, शरद यादव, मुकेश साहनी की उपेक्षा हो रही है. बिहार की जनता जानना चाहती है कि आखिर वो कौन पार्टियां हैं जो महागठबंधन को कमजोर कर रही हैं . Also Read - बिहार में पोस्टर वार: 'एक ऐसा परिवार जो बिहार पर भार' लालू 'सजायाफ्ता कैदी नंबर 3351'

पप्पू यादव ने बिहार की नीतीश सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि संविदा कर्मियों को नियमित करने और पूर्ण वेतनमान के वादे का क्या हुआ? नीतीश कुमार ने अपना एक भी वादा पूरा नहीं किया और फिर भी 16वां साल अब मांग रहे हैं. जब शिक्षक अपने अधिकारों की मांग करते हैं तो सोशल डिस्टेंसिंग के नाम पर केस दर्ज कर दिया जाता है. उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है.

जाप प्रमुख ने कहा कि बिहार में अपराध और भ्रष्टाचार चरम पर है. यहां राष्ट्रपति शासन की जरूरत है और आगामी विधानसभा चुनाव राष्ट्रपति के देख-रेख में ही होनी चाहिए. उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सवाल किया कि भूखमरी मिटाने में बिहार 27 राज्यों में 25वें स्थान पर क्यों है? 15 साल राज करने के बाद भी बिहार देश का दूसरा सबसे गरीब राज्य क्यों है? गरीबी मिटाने में बिहार 27 राज्यों में 26वें पायदान पर है. पटना देश का सबसे प्रदूषित शहर है. राज्य के 80 फीसदी सरकारी स्कूलों में शौचालय नहीं है.

इस दौरान उन्होंने उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी को भी निशाने पर लिया और कहा कि सुशील मोदी लालूफोबिया के शिकार हैं. अपने ट्वीट में सिर्फ लालू यादव की बात करते हैं. वे पिछले पांच वर्षों में किए गए अपने कार्यों का लेखा-जोखा बताएं. सृजन घोटाला, बालू माफियाओं के साथ समबन्ध और उनका भाई रियल एस्टेट का इतना बड़ा कारोबारी कैसे बना? इन सब के बारे में सुशील मोदी बिहार की जनता को बताएं.