Bihar Politics: बिहार में  विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं और साथ ही सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों गठबंधन में  उठापटक भी जारी है. महागठबंधन में जहांं नेतृत्व को लेकर विवाद चल रहा है तो वहीं  एनडीए NDA में भी ऑल इज वेल नहीं दिख रहा है. वजह है जदयू JDU और लोजपा LJP के बीच जारी तनाव. इन सबके बीच जीतनराम मांझी भी अपना दलित कार्ड लेकर बैठे हैं और जदयू की तारीफ के पुल बांध रहे हैं, लेकिन उन्हें अबतक कहीं से भी हरी झंडी नहीं मिली है.Also Read - CM Nitish Kumar ने हेमंत सोरेन से कहा-अलग हुए तो क्या, हम आपसे बहुत प्यार करते हैं, जानिए वजह

जदयू-लोजपा ने एक दूसरे को कहा, सूरदास-कालीदास Also Read - Bihar News: बिहार कांग्रेस के दिग्गज नेता सदानंद सिंह का निधन, नौ बार कहलगांव से विधायक चुने गए थे

लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान (Chirag Paswan) अपनी ही गठबंधन में शामिल जदयू और खासकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश सरकार (Nitish Government) के काम-काज की खुली आलोचना कर रहे हैं. इससे नाराज जेडीयू के नेता भी चिराग को उन्हीं की भाषा में जवाब भी दे रहे हैं. Also Read - Bihar Unlock: बिहार में Lockdown की पाबंदियां खत्म, सीएम नीतीश ने किया बड़ा ऐलान-खोल दिए जाएं धर्मस्थल-सभी स्कूल्स

जदयू और लोजपा के बीच ताजा विवाद कोरोना जांच की संख्या बढ़ाने को लेकर चल रहा है. इसे लेकर चिराग पासवान ने ट्वीट कर कहा कि राज्य में कोरोना जांच की संख्या बढ़ाए जाने की जरूरत है. पीएम मोदी ने भी हस्तक्षेप किया है तो ऐसे में अब विश्वास है कि बिहार सरकार जांच की संख्या बढ़ाएगी. उनके इस ट्वीट पर जदयू सांसद ललन सिंह भड़क गए और चिराग पासवान को सूरदास और कालीदास की संज्ञा दे डाली.

जदयू नेता ने कहा कि कालीदास उसी डाल को काट रहे थे, जिस पर बैठे थे और चिराग भी कुछ ऐसा ही कर रहे हैं. वे विपक्ष की भूमिका निभा रहे हैं.उन्होंने ये भी कह डाला कि एक कहावत है ‘निंदक नियरे राखिए आंगन कुटी छवाए’  मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार इन बातों पर ध्यान नहीं देते, वे अपना काम करते हैं. ललन सिंह के इस बयान के पलटवार में लोजपा ने भी ललन सिंह को सूरदास एवं कालीदास करार दिया.

लोजपा प्रवक्ता अशरफ अंसारी ने कहा कि ललन सिंह को कुछ भी ठीक से दिखाई नहीं देता है. क्योंकि बीते दिनों मुंगेर में कोरोना वायरस को लेकर हुई बैठक के दौरान खुद ललन सिंह ने ही जांच की गति कम होने की बात कही थी और आज इसे खारिज कर रहे हैं. उन्‍होंने कहा कि बिहार में कोरोना जांच को लेकर पीएम मोदी ने भी चिंता जाहिर की है, चिराग पासवान प्रधानमंत्री की चिंता के साथ अपनी चिंता जता रहे हैं.लेकिन जेडीयू को यह बात समझ में नहीं आ रही है.

अशरफ ने कहा कि जेडीयू को यह समझ लेना चाहिए कि लोजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के कारण केंद्र सरकार में है, जेडीयू के कारण नहीं.उन्‍होंने ललन सिंह और जेडीयू के नेताओं को बेवजह चिराग पासवान के खिलाफ बयानबाजी से बाज आने की भी नसीहत दे डाली.

जीतनराम मांझी की हम को क्या एनडीए में मिलेगी एंट्री!

चिराग पासवान जहां नीतीश कुमार के खिलाफ बोल रहे हैं तो वहीं जीतनराम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा नीतीश कुमार के समर्थन में खड़ी हो गई है. पार्टी के प्रवक्ता दानिश रिजवान ने चिराग पासवान पर जमकर हमला बोला है तो वहीं नीतीश कुमार की खुलकर तारीफ की है. दानिश रिजवान ने कहा कि विपत्ति के समय भी लोजपा प्रमुख राजनीति कर रहे हैं. वे अब अपनी बचकानी हरकत छोड़ दें. नीतीश कुमार क़ोरोना से डटकर मुकाबला कर रहे हैं. चिराग को नीतीश कुमार की आलोचना करने की बजाए अपनी जुबान पर लगाम लगानी चाहिए.

इस तरह से अचानक मांझी की पार्टी का नीतीश कुमार के लिए प्यार राजनीतिक चाल तो नहीं. इस पर दानिश रिज़वान ने कहा कि सियासत संभावनाओं का खेल है, कब क्या हो जाए कौन जानता है?

बिहार में राजनीतिक बिसात पर मोहरों की तलाश

हम प्रवक्ता के  इस बयान और चिराग के तेवर बता रहे हैं कि बिहार में कौन सा गठबंधन क्या रूप लेगा कोई नहीं जान सकता. बिहार में दलित कार्ड के लिए लोजपा और हम दोनों के खासे मायने हैं और दोनों अपनी जगह बनाने में लगे हुए हैं. ऐसे में बिहार में आने वाले दिनों में नये-नये कई सियासी दांव देखने को मिलेंगे.