Bihar Assembly Election 2020: बिहार विधानसभा के लिए पहले चरण के मतदान में अब 24 घंटे से भी कम समय बचे हुए हैं. इस बीच सत्ताधारी एनडीए में दरार चौड़ी होती दिख रही है. भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को ‘दरकिनार’ किए जाने के बाद जदयू ने भी अपने तरफ से जवाब दिया है.Also Read - UP Election 2022: अमित शाह की जाट नेताओं से मीटिंग, BJP सांसद के प्रस्‍ताव पर जयंत चौधरी ने दिया जवाब

दरअसल, इस वक्त बिहार चुनाव में सबसे अहम मुद्दा नीतीश कुमार बन गए हैं. विपक्षी राजद जहां ताबड़तोड़ नीतीश कुमार पर हमले कर रहा है वहीं केंद्र में एनडीए की सहयोगी पार्टी लोजपा ने भी नीतीश विरोध को ही अपना एजेंडा बना रखा है. विपक्षी दलों का दबाव कहें या फिर नीतीश के साथ पिछले करीब 15 सालों से सत्ता में रहने के कारण जुड़ा एंटी इनकंबैंसी का खतरा… भाजपा भी उनसे कतराने लगी है. यह हम नहीं बल्कि राज्य में चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम कह रहे हैं. Also Read - Goa Elections 2022: BJP ने गोवा चुनाव के लिए 6 उम्‍मीदवारों की जारी की List

पिछले शनिवार को भाजपा ने प्रदेश के सभी अखबारों के प्रथम पेज पर बड़ा सा विज्ञापन दिया था. उस विज्ञापन ने भाजपा ने केवल पीएम मोदी की तस्वीर का इस्तेमाल किया. इसी से बखेड़ा खड़ा हो गया. राजनीति के गलियारे में चर्चा होने लगी कि जब एनडीए नीतीश के नेतृत्व में चुनाव लड़ रहा है तो भाजपा अपने सीएम के चेहरे से दूरी क्यों बना रही है. इसको लेकर भाजपा के नेता सफाई देते दिखे लेकिन जो नुकसान होना था हो चुका था. Also Read - Republic Parade 2022: उत्तराखंड की टोपी और मणिपुरी स्टोल में नजर आए PM मोदी, निकाले जा रहे हैं सियासी मायने

इसके बाद राजद और लोजपा ने इस मुद्दे को लेकर खूब नीतीश पर हमले किए. राजद ने कहा कि इससे स्पष्ट हो गया है कि अब भाजपा भी नीतीश को ढोना नहीं चाहती. उसे भी पता चल गया है कि वह राज्य में कितने अलोकप्रिय हो चुके हैं.

इसके जवाब में नीतीश कुमार ने भी एक विज्ञापन जारी किया है. इस विज्ञापन में उन्होंने भाजपा का नाम नहीं लिया. ‘नीतीश जी की चिट्ठी’ नाम से जारी इस विज्ञापन में उनकी तस्वीर के साथ उनका संदेश छपा है. इसमें नीतीश के 7 निश्चय-2 की चर्चा है. इसमें जदयू ने किसी भी सहोयगी पार्टी के चुनाव चिह्न को भी जगह नहीं दी है. जबकि भाजपा ने अपने विज्ञापन ने मोदी की तस्वीर के साथ एनडीए के अन्य सहयोगियों के चुनाव चिह्न का इस्तेमाल किया था.

भाजपा और जदयू के रिश्ते में दिख रही इस तकरार पर विपक्षी दल खूब मजे ले रहे हैं. इस विज्ञापन को लेकर लोजपा नेता चिराग पासवान ने ट्वीट किया- इससे लगता है कि नीतीश कुमार के लिए प्रमाण देना अब खत्म नहीं होगा. उन्होंने आगे लिखा कि नीतीश जी को भाजपा का आभारी होना चाहिए कि उसने उनको पूरे पेज का विज्ञापन मुहैया करवाया. उन्होंने एनडीए के प्रति इमानदार रहना चाहिए जिस तरह से भाजपा है.