Bihar Assembly Election 2020: बिहार में चुनाव से पहले राजद नेता और बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी समेत महागठबंधन ने बिहार में बेरोजगारी और युवाओं से संबंधित बड़े मुद्दे को अपना चुनावी मुद्दा बनाया है और लगातार इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमलावर रहे हैं. अपने ट्वीट में तेजस्वी ने इस मुद्दे को बार-बार उठाया है. Also Read - Bihar Opinion Poll: बिहार में लोगों की पसंद हैं पीएम मोदी, नीतीश का प्रभाव कम; सरकार बदलना चाहते हैं 50 प्रतिशत से ज्यादा मतदाता

शनिवार को राजद नेता तेजस्वी यादव ने प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कर www.berozgarihatao.co.in वेबसाइट लांच किया है और इसके साथ ही उन्होंने घोषित रूप से बेरोजगारी को बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल की ओर से मुद्दा बनाने का ऐलान कर दिया है. इसके बाद तेजस्वी यादव ने एक टोल फ्री नंबर 9334302020 भी जारी किया है. Also Read - बिहार में चुनाव के अभी से दिख रहे साइड इफेक्ट, कहीं उमड़ रहा प्यार तो कहीं पड़ी दरार

उन्होंने वेबसाइट और हेल्पलाइन नंबर जारी करते हुए कहा कि कोई भी बेरोजगारी से समस्या से संबधित युवा इसपर संपर्क कर सकता है और मदद मांग सकता है. Also Read - Bihar Assembly Elections 2020: बिहार में कैसे होंगी चुनावी रैलियां और कितनी जुटेगी भीड़? आयोग ने दिया हर सवाल का जवाब

तेजस्वी यादव ने कहा है कि सत्ता में आने के बाद उनकी सरकार बिहार में सरकारी रिक्तियों को सबसे पहले भरने का काम करेगी. उन्होंने देश में बढ़ती हुई बेरोजगारी पर मोदी सरकार पर भी तंज कसा और कहा कि राज्य और देश का युवा बेरोजगारी को लेकर परेशान है लेकिन सरकार वैकेंसी नहीं भर रही है.

उन्होंने कहा कि बिहार में वैकेंसी होने के बावजूद सरकारी नौकरी में आने का अवसर युवाओं को नहीं दिया गया है.उन्होंने कहा कि एक्सपर्ट से बेरोजगारी के मुद्दे पर बातचीत हुई है और जल्द ही इसको लेकर ब्लू प्रिंट सामने लाएंगे.

उन्होंने नीतीश सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि सीएम नीतीश कुमार तो हत्या को प्रमोट कर रहे हैं.सवर्ण, पिछड़े और अति पिछड़े लोगों की हत्या होने पर उनके परिजनों को नौकरी क्यों नहीं दी जा सकती. उन्होंने कहा कि दरअसल नौकरी देने का वादा कर सरकार अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों की हत्या करना चाहती है. सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए कि हत्या हो ही नहीं.

तेजस्वी यादव ने सीएम नीतीश पर आरोप लगाया है कि इस ऐलान से नीतीश कुमार का दोहरा चरित्र उजागर होता है. कहा कि बिहार के विकास के लिए जात-पात से ऊपर उठकर काम करने की जरूरत है. इससे साथ ही तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार पर हमला करते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार में कोई गंभीरता नहीं. उन्होंने कहा कि सबसे अधिक बेरोजगारी बिहार में हैं, जिसकी दर 46 फीसदी है. 18 से 35 साल के लोग बिहार में बेरोजगार हैं.