Bihar Assembly Election 2020: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन में लगातार बिखराव का दौर जारी है. जीतनराम मांझी (Jitan Ram Manjhi) के बाद अब महागठबंधन का सबसे बड़ा घटक दल रालोसपा (RLSP) ने भी कमर कस ली है और अब अपना रास्ता अलग करने को तैयार है. जीतनराम मांझी के बाद रालोसपा अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा (Upendra Kushwaha)  भी अब महागठबंधन  छोड़ने का ऐलान करने वाले हैं. Also Read - Bihar Assembly Election 2020 : तेजस्वी का भाजपा पर निशाना, 'पहले महंगाई इनके लिए 'डायन' थी, अब 'भौजाई' बन गई'

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक उपेन्द्र कुशवाहा कभी भी गठबंधन को अलविदा कह सकते हैं. बता दें कि महागठबंधन में उपेंद्र कुशवाहा सीट बंटवारे की लगातार मांग करते रहे हैं. इसको लेकर कभी वे कांग्रेस के आलाकमान तो कभी तेजस्वी यादव (Tejaswi Yadav) से मुलाकात भी करते रहे हैं, पर अब तक सीटों को लेकर उन्हें कोई आश्वासन नहीं मिला है. Also Read - सिर पर पल्लू ले ससुराल के खिलाफ सड़क पर उतरीं लालू की बहू ऐश्वर्या, पिता के लिए मांगा वोट

रालोसपा के प्रधान महासचिव आनंद माधव ने कहा है कि अभी तक टिकट को लेकर एक बार भी दोनों दलों से किसी तरह का आश्वासन नहीं मिला है. ऐसे में रालोसपा अब अपना अलग विकल्प देखने के लिए स्वतंत्र है. अगर रालोसपा कोई अलग विकल्प की तलाश करता है तो इसकी जिम्मेदारी आरजेडी और कांग्रेस की होगी. Also Read - Bihar Munger Violence: संजय राउत ने पूछा-मुंगेर की घटना पर भाजपा नेता ना सवाल कर रहे, ना बवाल, क्यों

इसे लेकर उपेंद्र कुशवाहा ने रालोसपा की आपात बैठक कल यानि 24 सितंबर को बुलाई है. रालोसपा के प्रधान सचिव आनंद माधव ने कहा है कि जिस तरह से रालोसपा की अनदेखी की जा रही है. वैसे में राजद की नीयत पर सवाल खड़ा होता है.

उपेंद्र कुशवाहा का महागठबंधन से मोहभंग होने की खबरों पर महागठबंधन पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने कहा था कि हम जो बात कह रहे थे वही उपेंद्र कुशवाहा कह रहे है, राजद के लोग कह रहे है कि जनता ने तेजस्वी को सीएम मान लिया है, साथी दलों की बातें नहीं सुनी जाती
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