Bihar Assembly Election 2020: बिहार में अक्टूबर-नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनाव (Assembly Polls) को लेकर सभी पार्टियों ने कमर कस ली है. कोरोना संकट (Coronavirus) के इस दौर में जनता से जुड़ने के लिए पार्टियां वर्चुअल माध्यम का सहारा ले रही है. इस कड़ी में आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ‘निश्चय संवाद’ (Nischay Samvad) के जरिये लोगों को संबोधित करते हुए विधानसभा चुनाव का बिगुल फूकेंगे. नीतीश कुमार जेडीयू ऑफिस में बने कर्पूरी सभागर से डिजिटल माध्यम से जनता को संबोधित करेंगे. राज्यभर में मुख्यमंत्री के भाषण को लाइव दिखाने की पूरी तैयारी की गई है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की रैली के दौरान जेडीयू के सिर्फ 20 नेता ही मौजूद रहेंगे.Also Read - Bihar के डिप्‍टी CM ने कहा- भारत-पाक के बीच T20 WC मैच रुकनी चाहिए, BCCI उपाध्‍यक्ष ने कही ये बात

JDU के वरिष्ठ नेता एवं मंत्री अशोक चौधरी ने बताया कि कोविड-19 महामारी (Coronavirus Pandemic) के मद्देनजर पूरे राज्य में सार्वजनिक स्थानों पर बड़े ‘स्क्रीन’ लगाए जाएंगे, जहां लोग मुख्यमंत्री का भाषण देख-सुन सकेंगे. यह कार्यक्रम रविवार को ही होना था, लेकिन पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का 31 अगस्त को निधन हो जाने के बाद सप्ताह भर के राजकीय शोक के कारण इसे एक दिन आगे बढ़ा दिया गया. नीतीश कुमार की यह पहली रैली है. Also Read - Power Crisis: बिहार के कई जिलों में 10 घंटे से अधिक बिजली की कटौती, जानें क्या बोले सीएम नीतीश कुमार

उधर, लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) अपने बिहार के नेताओं के साथ आज एक महत्वपूर्ण बैठक कर रही है. इसमें यह तय किया जाएगा कि आगामी राज्य विधानसभा चुनाव जेडीयू (JDU) के खिलाफ लड़ा जाए या नहीं? हाल के समय में बिहार में सत्ताधारी राजग के दोनों घटक दलों में रिश्ते बिगड़े हैं. बैठक की पूर्व संध्या पर LJP अध्यक्ष चिराग पासवान ने JDU अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish kumar) पर फिर निशाना साधा. Also Read - '100 कारणों से जाएगी एनडीए सरकार'; पूर्व वित्त मंत्री बोले- महंगाई सबसे बड़ी वजह होगी

चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने कहा कि मारे गए अनुसूचित जाति और जनजाति समुदाय के लोगों के परिजन को सरकारी नौकरी देने का उनका फैसला ‘और कुछ नहीं, बल्कि चुनाव संबंधी घोषणा’ है.

(इनपुट: भाषा)