पटना: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत द्वारा अयोध्‍या में राम मंदिर निर्माण के लिए कानून की मांग करने के बाद बिहार में सत्तारूढ़ भाजपा और जद (यू) बंटे नजर आ रहे हैं. जद (यू) ने जहां इस बयान से पूरी तरह किनारा करते हुए अपने पुराने विचार पर कायम रहने की बात कही, वहीं भाजपा ने संघ प्रमुख के बयान का समर्थन किया है. Also Read - Bihar Budget 2021: स्नातक पास बेटियों को 50 हजार, महिलाओं को नौकरियों में 50% आरक्षण, 10 Points में जानिए बिहार बजट

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जद (यू) महासचिव के. सी. त्यागी ने कहा, “राम मंदिर निर्माण पर हमारी पार्टी का स्टैंड बिलकुल साफ है. इस मसले का हल या तो दोनों समुदायों के धार्मिक प्रतिनिधि मिल-बैठकर निकालें या फिर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आए. पार्टी शुरू से ही इसी स्टैंड के साथ है और आगे भी रहेगी.” Also Read - Petrol-Diesel LPG Price Hike: बिहार के CM Nitish Kumar ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर क्या कहा-देखें Video

भागवत ने गुरुवार को नागपुर में आयोजित शस्त्र-पूजन कार्यक्रम में अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण को राष्ट्रीय हित का मुद्दा बताते हुए कहा कि जल्द से जल्द उचित कानून लाकर मंदिर बनाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि कुछ रुढ़िवादी तत्व इस प्रक्रिया में बाधा डाल रहे हैं, जो निंदनीय है.

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इधर, भाजपा ने अपने मार्गदर्शक संगठन के प्रमुख के बयान का समर्थन किया है. भाजपा विधायक नितिन नवीन ने कहा, “राम मंदिर करोड़ों हिंदुओं से जुड़ा मामला है. भागवत ने सोच-समझ कर बयान दिया होगा. यह आस्था का विषय है.”

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इस बीच राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने भागवत के बयान की आलोचना की है. राजद के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने कहा कि भागवत ने यह बयान तीन राज्यों और लोकसभा चुनाव को देखते हुए दिया है. जब-जब चुनाव आता है, भाजपा को राम मंदिर की याद आ जाती है.