नई दिल्ली: बिहार सरकार ने अपने कर्मचारियों, पेंशनभोगियों, पारिवारिक पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते/राहत की दर सात प्रतिशत से बढ़ाकर नौ प्रतिशत कर दिया है. नई दर एक जुलाई से प्रभावी होगी. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रिपरिषद की बैठक में यह निर्णय किया गया. मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने पत्रकारों को बताया कि इस फैसले के तहत राज्य के सरकारी सेवकों, पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों को गत एक जुलाई से सात प्रतिशत के स्थान पर नौ प्रतिशत महंगाई भत्ता/राहत की स्वीकृति प्रदान कर दी है. Also Read - इस राज्य में ऑनलाइन पढ़ाई के लिए छात्रों को मिलेगा Tab, सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ते का तोहफा

इस निर्णय से खजाने पर 419 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ आएगा. संजय ने बताया किबैठक के एक निर्णय के अनुसार राज्य विधानमंडल का शीतकालीन सत्र 26 से 30 नवंबर तक चलेगा. इस दौरान सदनों की पांच बैठकें होंगी. उन्होंने बताया कि मंत्रिपरिषद ने आपराधिक वादों के त्वरित न्यायिक निष्पादन के लिए जेलों को वीडियो कांफ्रेंसिंग सुविधा से लैस करने की 126 करोड़ 87 लाख 84 हजार चार सौ रुपये की परियोजना की स्वीकृति दी है. इसके तहत राज्य के 58 कारागारों, पटना उच्च न्यायालय तथा 62 न्यायालयों को मिला कर कुल 122 स्थलों पर मल्टी वीडियो कान्फ्रेंसिंग प्रणाली स्थापित की जाएगी. Also Read - ओडिशा में अब सरकारी कर्मचारियों ने की हड़ताल, तो हो जाएगी जेल, विधेयक हुआ पास

राज्य सरकार ने अविवाहित, परित्यक्ता एवं विधवा आश्रित पुत्रियों को 25 वर्ष की आयु सीमा के पश्चात पारिवारिक पेंशन देने के प्रस्ताव को भी मंजूर किया है.मंत्रिपरिषद ने वर्ष 2018 में कुल 23 प्रभावित जिलों के 206 प्रखण्डों को सूखाग्रस्त माने जाने की भी संस्तुति दी है. संजय ने बताया कि मंत्रिपरिषद ने बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम लि० को भारत पर्यटन विकास निगम लि० का पटना स्थित होटल पाटलिपुत्र अशोक 13 करोड़ रुपये में खरीदने की मंजूरी भी दी है. Also Read - Bihar Election Results 2020: नीतीश देंगे CM पद से इस्‍तीफा, कैबिनेट में बदल जाएंगे मंत्रियों के चेहरे