Bihar Politics: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजद काल की याद दिलाई और कहा कि 2005 से पहले यहां शाम होते ही सड़कें सुनसान हो जाती थीं. कहीं बिजली नहीं थी, लोग ढिबरी और लालटेन से काम चलाते थे. शाम होते ही लोग अपने घर में चले जाते थे. लेकिन, अब बिजली आ गई है, किसी भी घर को लालटेन की जरूरत नहीं है. बिहार के हर घर में बिजली का कनेक्शन पहुंच गया है. Also Read - Bihar Assembly Election 2020: अब कुशवाहा ने भी पकड़ी मांझी की राह, करेंगे बड़ा ऐलान

शनिवार को नीतीश कुमार ने ऊर्जा विभाग की 4855 करोड़ रुपए की योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. इस मौके पर नीतीश ने  कहा कि अगर आगे जनता ने काम करने का मौका दिया तो अब बिहार के हर खेत तक पानी पहुंचाएंगे. Also Read - CM नीतीश ने दी बिहारवासियों को सौगात-पटना में 2024 से दौड़ने लगेगी मेट्रो ट्रेन, काम शुरू

उन्होंने विपक्ष के नेता पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर क्या-क्या बयान देते रहते हैं और उन्हें प्रचार भी मिलता है। मैं ऐसे बयान को प्रचारित करने वालों से कहता हूं कि जरा अपने दिल से पूछिए कि बिहार की पहले क्या स्थिति थी और अब क्या स्थिति है? Also Read - Bihar Schools Reopen: बड़ा फैसला-बिहार में 28 से खुल जाएंगे सभी स्कूल, ये होंगे कायदे-कानून

नीतीश ने कहा कि कुछ समय पहले मैं शाम को गया से पटना हेलिकॉप्टर से आया था. पूरे रास्ते बिजली की रोशनी दिखी, ऐसा केंद्र में मंत्री रहते समय मैंने ऐसा तमिलनाडु में देखा था. बिहार में पहले बिजली कितने देर उपलब्ध रहती थी. सरकारी ऑफिस या अमीर लोगों के घर में बिजली के लिए डीजल जनरेटर चलाया जाता था. गरीब का घर अंधेरा रहता था.

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार किसानों को सिंचाई के लिए डीजल सब्सिडी देती है. बिजली से सिंचाई करना डीजल की अपेक्षा सस्ता है. सरकार हर खेत तक बिजली पहुंचा रही है। किसानों को सब्सिडी दी जा रही है. बिहार की छोटी नदियों को एक-दूसरे से जोड़ने पर काम करना होगा. अभी बारिश होती है और पानी बेकार बहकर चला जाता है.अब इस पानी को किसानों के खेत तक पहुंचाना है.