नई दिल्ली: भारत-चीन सीमा पर स्थिति के संबंध में विचार करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुक्रवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं ने इस संवेदनशील मुद्दे पर अपने विचार सामने रखे. इस डिजिटल बैठक की शुरुआत में उन 20 भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि दी गयी जो पिछले दिनों पूर्वी लद्दाख में चीनी सैनिकों के साथ हुई झड़प में शहीद हो गए थे. Also Read - बिहार में तेजस्वी से मिल रहे चिराग पासवान के सुर, सियासी बाजार गर्म

इस बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री व जद (यू) नेता नीतीश कुमार ने सरकार से चीनी सामानों पर बैन लगाने की बात कही. नीतीश कुमार ने कहा कि चीन के खिलाफ देशव्यापी गुस्सा है. इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शहीद जवानों के सम्मान में खड़े होकर कुछ देर मौन रखा. शुरुआत में सिंह और जयशंकर ने टकराव के बारे में बात की. Also Read - प्रशांत किशोर का नीतीश कुमार पर हमला, यह वक्त कोरोना से लड़ने का है, चुनाव का नहीं

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा, “यदि चीन हमें अपमानित कर रहा तो इसे बर्दाश्त करने की जरूरत नहीं. चीन अगर भारत के भू-भाग पर कब्जा करने के बारे में सोचता है तो यह उसके लिए असंभव है. प्रधानमंत्री जो निर्णय लेंगे हम सभी उनके साथ है.” Also Read - रामविलास पासवान का बेटे के लिए बड़ा बयान- चिराग जो फैसला लेंगे, हम उनके साथ

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भारत-चीन सीमा पर स्थित गलवान घाटी में शहीद हुए सभी जवानों के प्रति अपने एवं अपनी पार्टी की तरफ से श्रद्धांजलि दी और कहा कि शहीद होने वाले 20 जवानों में से 5 जवान बिहार के थे. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपनी तरफ से शहीदों के सम्मान में उनके परिवार के लिये हरसंभव मदद कर रही है.

नीतीश कुमार ने कहा, “चीन से जो भी सामान अपने देष में आता है, उसके कारण पर्यावरण को भी संकट हो रहा है. खिलौने, इलेक्ट्रॉनिक आइटम भारतीय बाजार में भारी संख्या में बिक रहे हैं. खिलौनों में प्लास्टिक का बहुत ज्यादा प्रयोग होता है. यह इको फ्रेडं ली भी नहीं है, इससे पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है. इलेक्ट्रॉनिक सामानों के कारण इलेक्ट्रॉनिक बेस्ट जेनरेट हो रहा है, जो पर्यावरण के लिये गंभीर संकट पैदा कर रहा है. सबसे बड़ी बात यह है कि चीन का उत्पाद टिकाऊ नहीं है.”

उन्होंने कहा, “मूल्य कम होने की वजह से लोग इसे खरीद लेते हैं. उन्होंने कहा कि हमलोग बिना किसी कारण विवाद पैदा नहीं करते हैं. हमलोग चीनी उत्पाद की खरीददारी न करें, इसके लिये पर्वू के एग्रिमेटं पर भी विचार करने की जरूरत है. हम लोगों को स्वदेषी सामानों को बढ़ावा देना चाहिए, यह प्रधानमंत्री जी की प्राथमिकता सूचि में भी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा देष आगे बढ़े, इसके लिये हम सब एकजुट हैं.”

बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राकांपा अध्यक्ष शरद पवार, टीआरएस नेता के चंद्रशेखर राव, जद (यू) नेता नीतीश कुमार, द्रमुक के एम के स्टालिन, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के वाईएस जगन मोहन रेड्डी और शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे भी शामिल हुए.