पटना: बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद जहरीली शराब और अन्य मादक पदार्थ के सेवन से हुई मौत की ओर इशारा करते हुए आज कहा कि शराबबंदी के बाद भी कुछ लोग नहीं मानते हैं और ऐसी चीजों का सेवन करते हैं जो उनके लिए जानलेवा हो गयी है. यह हमारे कानून की विफलता नहीं बल्कि कुछ लोगों की दूषित मानसिकता का परिणाम है. Also Read - बिहार विधानसभा में जाति आधारित जनगणना कराने का प्रस्ताव पारित, RJD ने कहा- सत्ता को झुकना पड़ा

अधिवेशन भवन में मादक द्रव्यों के दुरुपयोग एवं अवैध व्यापार के विरुद्ध अंतरराष्ट्रीय नशा विमुक्ति दिवस समारोह को संबोधित करते हुए नीतीश ने कहा कि हाल ही में बेगूसराय में जहरीली शराब पीने से 4 लोगों की मौत की खबर आयी है. जांच से पता चला है कि इन लोगों ने सर्जिकल स्पिरिट का सेवन किया था. कुछ दिन पहले रोहतास, वैशाली एवं गोपालगंज जिले में भी जहरीली शराब पीने से कुछ लोगों की मौत हुई थी. यह सोचने वाली बात है कि समाज में कुछ ऐसी मानसिकता के लोग हैं, जो शराब के गलत कारोबार में लिप्त हैं और उसका सेवन करने वाले लोग इसका शिकार होते हैं. Also Read - कन्हैया का नीतीश को अनुरोध, कहा-सीएए, एनआरसी व एनपीआर के खिलाफ कराएं प्रस्ताव पारित

उन्होंने कहा कि पदाधिकारियों को इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिये प्रचार करने की जरूरत है ताकि लोग इसे जानें और इससे सतर्क रहें. इन सब चीजों के प्रति अभियान चलाकर लोगों को मानसिक तौर पर मजबूत करने की जरूरत है. मादक द्रव्यों के दुरुपयोग एवं अवैध व्यापार के विरुद्ध अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है, इसके लिए अपने देश में भी कानून हैं और हमलोग भी इसके लिए प्रतिबद्ध हैं. Also Read - भाजपा नेता संजय मयूख ने लालू पर किया पलटवार, कहा- दो हजार बीस, फिर से नीतीश

नीतीश ने यह भी कहा कि आगामी मानसून सत्र में राज्य के शराबबंदी कानून का संशोधित प्रारूप प्रस्तुत पेश कर दिया जायेगा. इसमें जरूरत के मुताबिक संशोधनों को पास करा कर शराबबंदी कानून का नया संशोधित रूप लागू कर दिया जायेगा. हालांकि, उन्होंने यह भी साफ तौर पर कहा कि शराबबंदी से किसी तरह का कोई समझौता नहीं होगा. शराबबंदी कानून लागू है और आगे भी रहेगा. इसमें कोई बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके कुछ प्रावधानों की वजह से समस्या पैदा हो रही है या इसका गलत उपयोग हो रहा है. इनका संशोधन किया जायेगा.