नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस बिहार में किसानों के मुद्दों, खासकर उपज की ‘सरकारी खरीद नहीं होने’ को बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में है और इसके लिए अगले महीने पदयात्रा निकालने के साथ बड़े पैमाने पर छोटी-बड़ी सभाएं आयोजित की जाएंगी. बिहार कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का कहना है कि पार्टी बिहार में किसानों के हक की लड़ाई और उनके समस्याओं के निराकरण के लिए चंपारण से पद यात्रा निकालने की योजना बना रही है.

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किसानों के मुददे पर बात करेंगे राहुल गांधी
पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी की फरवरी के पहले सप्ताह में पटना के गांधी मैदान में बड़ी रैली प्रस्तावित है. इसी रैली में किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर विभिन्न कार्यक्रमों की घोषणा की जा सकती है. अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव एवं सह-प्रभारी (बिहार) वीरेंद्र सिंह राठौर ने बताया, ‘‘हम पिछले कई महीनों से किसानों के मुद्दे, खासकर उपज की सरकारी खरीद नहीं होने का मुद्दा उठा रहे हैं. अब हम इसे बड़ा मुद्दा बनाएंगे. आने वाले दिनों में बिहार में कई सभाएं होंगी. इससे पहले हम कांग्रेस अध्यक्ष की बड़ी रैली करने जा रहे हैं.’’

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किसान सभा का आयोजन
सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस बिहार में किसानों के हक की लड़ाई और उनके समस्याओं के निराकरण के लिए चंपारण से पद यात्रा निकाल सकती है. फरवरी के प्रथम सप्ताह में पटना के गांधी मैदान में प्रस्तावित राहुल गांधी की सभा में पदयात्रा निकालने की तिथि की घोषणा की जा सकती है. वैसे, कांग्रेस ने पहले ही किसानों के लिए संवाद और सभाएं शुरू कर दी हैं. हाल ही में बक्सर में पार्टी की ओर से किसान सभा का आयोजन किया गया था.

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किसानों की स्थिति दयनीय
राठौर ने दावा किया, ‘राज्य में किसानों की उपज की सरकार द्वारा खरीद नहीं की जाती जिस वजह से किसान छोटे व्यापारियों को तय न्यूनतम समर्थन मूल्य से काफी कम कीमत पर अपनी उपज बेचने को मजबूर हो जाते हैं.’ उन्होंने कहा, ‘गेंहू की सरकारी खरीद का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1750 रुपये प्रति क्विंटल है लेकिन बिहार में पिछली फसल के दौरान किसान 1200 रुपये से भी कम कीमत पर गेहूं बेचने को मजबूर हुए. इसकी वजह सरकारी खरीद का नहीं होना है. किसानों की लागत भी नहीं निकल पाई. यह बहुत ही दयनीय स्थिति है. इसके लिए केंद्र और राज्य सरकारें दोनों जिम्मेदार हैं.'(इनपुट एजेंसी)