पटना/भुवनेश्वर. बिहार में चमकी बुखार से मरने वाले बच्चों की संख्या बढ़कर 112 पर पहुंच गई है. चमकी बुखार एक्यूट इन्सेफ्लाइटिस सिंड्रोम या एईएस (Acute Encephalitis Syndrome) को कहा जा रहा है. बुधवार की सुबह जारी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SKMCH) में जहां इस बीमारी की वजह से 93 बच्चों की मौत हुई है, वहीं केजरीवाल अस्पताल में एईएस से पीड़ित 19 बच्चे अब तक अपनी जान गंवा चुके हैं. इस बीच बिहार में चमकी बुखार की दहशत पड़ोसी राज्यों तक फैलने की खबरें भी आ रही हैं. ओडिशा सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने फूड सेफ्टी कमिश्नर को निर्देश दिया है कि बिहार से आने वाली लीची में जहरीले पदार्थ की जांच के बाद ही इसे बाजार में बेचने की अनुमति दी जाए.

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इससे पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को मुजफ्फरपुर जिले के अस्पताल का दौरा किया और इस दौरान उन्हें नाराज लोगों द्वारा की गई नारेबाजी का सामना करना पड़ा. लोगों ने एईएस से बचाव के नाकाफी इंतजाम और अस्पताल की अव्यवस्था को लेकर नीतीश कुमार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. एसकेएमसी अस्पताल में सीएम नीतीश कुमार की मौजूदगी में ही लोगों ने ‘नीतीश वापस जाओ’ के नारे लगाए. आपको बता दें कि एईएस से पीड़ित बच्चों को एसकेएमसीएच और केजरीवाल अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वहीं मुजफ्फरपुर के पड़ोस में स्थित पूर्वी चंपारण जिले में भी इस बीमारी की वजह से एक बच्चे की जान गई है.

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वैसे एईएस के ज्यादातर मामले मुजफ्फरपुर में सामने आए हैं, लेकिन पूर्वी चंपारण और वैशाली जैसे जिलों में भी इस तरह के मामलों की खबर है. इससे पहले, मुजफ्फरपुर के सिविल सर्जन डॉ. शैलेश प्रसाद ने बताया था कि मंगलवार देर शाम तक एईएस से मरने वाले बच्चों की संख्या 109 हो गयी है, जिनमें से श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एसकेएमसीएच) में 90 बच्चों और केजरीवाल अस्पताल में 19 बच्चों की मौत हुई है.

ओडिशा तक पहुंची लीची की दहशत
बिहार में चमकी बुखार से पिछले एक पखवाड़े में सौ से ज्यादा बच्चों की मौत की दहशत पड़ोसी राज्यों तक पहुंच गई है. ओडिशा सरकार ने बुधवार को इस बाबत एक अधिसूचना जारी कर अपने अधिकारियों को चमकी बुखार से सतर्क रहने को कहा है. ओडिशा सरकार के स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में बिहार से आने वाली लीची की जांच करने का निर्देश दिया गया है. स्वास्थ्य विभाग ने अपने निर्देश में फूड सेफ्टी कमिश्नर को आदेश दिया है कि बिहार से आने वाली लीची की फसल का सैंपल लेकर उसकी जांच की जाए. विभाग ने कहा है कि ओडिशा के बाजारों में बिक रही बिहार से आई लीची में जहरीले पदार्थ होने की जांच करें, इसके बाद ही बिक्री सुनिश्चित की जाए.

सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका
इधर, बिहार में दिमागी बुखार से बच्चों की मौत का मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है. उच्चतम न्यायालय में मंगलवार को एक याचिका दायर की गई, जिसमें बिहार में उन बच्चों के इलाज के लिए केंद्र को तुरंत चिकित्सा विशेषज्ञों की टीम गठित करने का निर्देश देने की मांग की गई है जिनके एईएस से पीड़ित होने का संदेह है. याचिका में केंद्र को यह निर्देश देने का भी आग्रह किया गया है कि वह महामारी से पीड़ित बच्चों के प्रभावी इलाज के लिए सभी आवश्यक चिकित्सा उपकरण और अन्य मदद उपलब्ध कराए. आपको बता दें कि इससे पहले केंद्रीय मानवाधिकार आयोग ने बिहार सरकार और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से चमकी बुखार से बच्चों की मौत के मामले में नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.

(इनपुट – एजेंसी)