नई दिल्ली. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) के चारा घोटाला, भूमि आवंटन घोटालों और अन्य भ्रष्टाचार के मामलों को यूं तो मीडिया में जगह मिलती ही रहती है. चारा घोटाले पर तो कई छोटी-छोटी किताबें भी हैं. लेकिन बिहार के डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी (Sushil Kumar Modi) ने इन घोटालों को एक किताब की शक्ल दे दी है. राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के भ्रष्टाचार के कारनामों को समेटते हुए सुशील मोदी ने बीते दिनों एक किताब लिख डाली. 200 पन्नों की किताब ‘लालू लीला’ (LALU LEELA) में उन्होंने बिहार के पूर्व सीएम और उनके परिवार के विभिन्न घोटालों में शामिल रहने की कहानी बयां की है. यह किताब लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती के मौके पर आगामी 11 अक्टूबर को लॉन्च होगी. सुशील मोदी की यह दूसरी किताब है. इससे पहले उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन पर केंद्रित किताब ‘बीच समर में’ लिखी थी. इस किताब में इमर्जेंसी के दिनों के संस्मरण हैं.

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लालू परिवार पर शुरू से हमलावर रहे हैं मोदी
बिहार के डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी अपने राजनीतिक जीवन में हमेशा लालू परिवार पर निशाना साधते रहे हैं. हालांकि बिहार में सृजन घोटालों की आंच की ‘लपटें’ सुशील मोदी तक भी पहुंची हैं, बावजूद इसके लालू परिवार पर उनके हमलों में कोई कमी नहीं आई है. सुशील मोदी ने अपनी नई किताब में लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के सदस्यों द्वारा विभिन्न कानूनों का उल्लंघन कर घोटालों को अंजाम देने की कहानी कही है. पटना से छपने वाले प्रमुख अखबार हिन्दुस्तान में छपी खबर के अनुसार, सुशील मोदी ने अपनी किताब में लालू प्रसाद पर विधायक, विधान पार्षद और मंत्री बनाने के नाम पर पैसा, जमीन-मकान दान में लिखवाने का विस्तार से वर्णन किया है. किताब में लालू परिवार द्वारा आधा दर्जन से ज्यादा मुखौटा कंपनी बनाने, बीपीएल श्रेणी में शामिल लोगों से जमीन खरीदने-बेचने का उल्लेख किया गया है.

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किताब के कवर-पेज से कहानी कहने की कोशिश
‘लालू लीला’ में सुशील मोदी ने किताब के कवर-पेज से लेकर इसके भीतर तक की सामग्री से बिहार के प्रमुख सियासी परिवार पर हमला किया है. किताब के कवर-पेज पर शीर्षक के नीचे ‘खोखा कंपनियां, दान, वसीयत, पावर ऑफ अटॉर्नी और हर काम के बदले मकान हथियाने का लालू परिवार का नया फंडा’ लिखा है. कवर-पेज पर एक कार्टून है जिसमें लालू, राबड़ी देवी, मीसा भारती, तेजस्वी और तेजप्रताब की तस्वीर है. कार्टून में ये लोग एक ट्रेन की ड्राइवर सीट पर बैठे हैं. ट्रेन के बगल में एक बड़ी सी पोटली बनी है, जिस पर होटल शेयर, जमीन आदि लिखा गया है. कुल मिलाकर बिहार के डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने अपनी किताब के जरिए लोगों को यह बताने का प्रयास किया है कि लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के सदस्यों ने येन-केन-प्रकारेण घोटाला किया या घोटाले में शामिल रहे. यह किताब प्रभात प्रकाशन ने छापी है.

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किताब में बिहार के कई बड़े नेताओं से डील की कहानी
सुशील मोदी की ‘लालू लीला’ में बिहार के कई बड़े नेताओं के साथ लालू परिवार के संदिग्ध ‘डील’ की कहानी कही गई है, जो बाद में घोटालों की शक्ल में लोगों के सामने उजागर हुए. द न्यू इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक किताब में कहा गया है, ‘लालू प्रसाद यादव ने अपनी पार्टी के दिग्गज रघुनाथ झा और कांति सिंह जैसे नेताओं को मंत्री, विधायक, विधान पार्षद या सांसद बनाने के लिए उनसे जमीन और मकान दान में ले लिए. भ्रष्टाचार से अर्जित किए गए काला धन को सफेद करने के लिए लालू ने विभिन्न शहरों में प्रमुख स्थानों पर जमीन और मकान खरीदे. अवैध संपत्ति अर्जित करने के साथ-साथ लालू और उनके परिवार के सदस्यों ने कई लोगों के साथ नौकरी या ठेकेदारी देने के नाम पर भी सौदे किए.’