बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) गुप्तेश्वर पांडेय (Gupteshwar Pandey) ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ले लिया है.  रिटायरमेंट के बाद मीडिया के सामने आए गुप्तेश्वर पांडे ने कहा कि उनके सेवानिवृत्त होने का सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) मामले से कोई लेना-देना नहीं है. हालांकि इस दौरान उन्होंने चुनाव लड़ने के संकेत भी दिये. उन्होंने पूछा कि चुनाव लड़ना पाप है क्या? लेकिन मैंने अभी इस बारे में कुछ तय नहीं किया है. उन्होंने कहा कि मैंने अभी कोई पार्टी ज्वाइन नहीं की है. जहां तक सामाजिक कार्यों की बात है, मैं इसे राजनीति में प्रवेश किए बिना भी कर सकता हूं. Also Read - Bihar Polls 2020: Voter List में कैसे चेक होगा नाम और कैसे डाउनलोड करेंगे Voter Slip? यह है पूरी प्रक्रिया...

गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि पद पर बने रहना मुश्किल हो गया था. मैंने सुशांत को न्याय दिलाने के लिए कई बड़े लोगों को कठघरे में खड़ा कर दिया है. सबकी गर्दन फंसी है कभी भी कुछ भी हो सकता है. बड़े-बड़े लोग इसमें फंस आ सकते हैं. उनके अंदर बौखलाहट है. बिहार की जनता को ये समझना चाहिए. सुशांत को इंसाफ दिलाने की लड़ाई मरते दम तक जारी रहेगी.

उन्होंने कहा कि पहले DGP था तो मर्यादा में रहकर बोलता था लेकिन अब स्वतंत्र हो गया हूं. उन्होंने कहा कि DGP रहते अगर कोई एक्शन लेता तो मुझपर आरोप लगता कि ये चुनाव में किसी को फायदा पहुंचा रहे हैं.

बता दें कि गुप्तेश्वर पांडेय के VRS लेने के बाद उनकी जगह एसके सिंघल (SK Singhal) बिहार के नए डीजीपी बनाए गए हैं. 1987 बैच के IPS अधिकारी गुप्तेश्वर पांडेय (Bihar DGP Gupteshwar Pandey) ने इससे पहले VRS का आवेदन दिया था, जिसे सरकार ने मंजूर कर लिया. माना जा रहा है कि गुप्तेश्वर पांडेय (Gupteshwar Pandey) बक्सर सीट से विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं.