Bihar Election Campaign Guidelines: मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने बिहार विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया है. तारीखों के घोषणा के बाद अब चुनावी पारा तेजी से बढ़ना शुरू हो जाएगा और हर दिन तमाम राजनीतिक पार्टियां पूरी ताकत से चुनावी मैदान में जनता को लुभाने कि कोशिश करेंगी. इस समय कोरोना की समस्या से देश गुजर रहा है तो इस बार चुनाव के तरीकों में काफी बदलाव किया गया है. चुनाव की तारीखों के चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कई सारे दिशा निर्देश भी दिए जिन्हें राजनीतिक दलों को पालन करना होगा.Also Read - बंगाल जीत के बाद सीएम ममता ने केंद्र सरकार पर जमकर निकाली भड़ास, जानिए क्या-क्या कह डाला दीदी ने

कोरोना महामारी की वजह से इस बार बिहार विधान सभा के चुनाव में सबसे बड़ा बदलाव चुनाव के प्रचार में देखने को मिलेगा. चुनाव प्रचार को लेकर चुनाव आयोग की तरफ से कई तरह के प्रतिबंध लगाए गए हैं. अब इस बार पहले की तरह राजनीतिक पार्टियां आराम से फ्री होकर प्रचार नहीं कर सकेंगे. Also Read - चुनाव आयोग को सुप्रीम कोर्ट का जवाब, 'उच्च न्यायालयों का मनोबल नहीं गिरा सकते, न मीडिया को रोक सकते हैं'

कोई भी राजनीतिक दल आम जनता के घर भीड़ लेकर चुनाव प्रचार के लिए नहीं जा सकती. इस बार चुनाव आयोग की तरफ से इर पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं. डोर टू डोर कैंपेन के लिए सिर्फ पांच लोग ही जा सकेंगे. Also Read - Nandigram Result: चुनाव आयोग ने नंदीग्राम में वोटों की गिनती दोबारा कराने के TMC के अनुरोध को किया खारिज, कोर्ट का रुख करेंगी ममता बनर्जी

चुनाव आयुक्त ने चुनाव प्रचार के लिए सोशल मीडिया के प्रयोग पर भी बंदिशे लगाई हैं. उन्होंने कहा कि चुनाव के प्रचार में अगर किसी भी पार्टी या फिर व्यक्ति द्वारा सोशल मीडिया का दुरुपयोग पाया गया तो इस पर भी कड़ी कार्रवाई होगी. इसके साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से भी चुनाव के नियमों को ध्यान में रखने के लिए कहा है.

सुनील अरोड़ा ने कहा कि कोरोना महामारी के दौर में यह पहल चुनाव है इसलिए हमें कई सारे ऐहतियात बरतने होंगे. उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन करना जरूरी होगा.

इसके साथ ही यह भी चुनाव आयुक्त की तरफ से कहा गया कि आपराधिक मामले वाले उम्मीदवारों को सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों का पालन करना होगा.