Bihar Election 2020: पूर्व उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) अपने पुराने विधानसभा सीट राघोपुर से ही चुनाव लड़ेंगे. तेजस्वी अपने बड़े भाई तेजप्रताप यदव के साथ आज यहां नामांकन करने पहुंचे और अपना नामांकन दाखिल किया. इससे पहले तेजस्वी ने नीतीश कुमार को खुली चुनौती दी, कहा कि नीतीश जी में अगर हिम्मत है तो वह अपने गृह जिला नालंदा से विधानसभा चुनाव का नामांकन दाखिल करें. मैं भी वहीं से नामांकन करूंगा और चुनाव में हराकर दिखाऊंगा. Also Read - Bihar Assembly Election 2020: तेजस्वी की चाल में उलझा जदयू, 77 सीटों पर सीधा मुकाबला

नामांकन से पहले तेजस्वी ने दोहराया कि अगर हमारी सरकार बनी तो पहली कैबिनेट की मीटिंग में हम 10 लाख लोगों को सरकारी नौकरी (Government Job) देंगे. ये नौकरियां स्थाई होंगी.

बता दें कि इससे पहले भी तेजस्वी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) की सरकार को बेरोजगारी के मुद्दे पर घेरते हुए वादा किया था कि अगर बिहार के लोग उनकी पार्टी को मौका देते है, तब सरकार बनने के दो महीने के अंदर 10 लाख लोगों को सरकारी नौकरी देंगे.

उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा था कि बिहार में 50 हजार पुलिसकर्मियों के पद रिक्त है, जिस पर भर्ती की जाएगी. उन्होंने बताया कि बिहार में एक लाख आबादी पर 77 पुलिसकर्मी हैं जबकि राष्ट्रीय औसत 144 पुलिसकर्मियों का है.

तेजस्वी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में भी बिहार में 1 लाख 25 हजार चिकित्सकों की जबकि कुल मिलाकर 2 लाख 50 हजार चिकित्सकों और सपोर्टिंग स्टाफ की जरूरत है.

इसी तरह शिक्षा के क्षेत्र में विद्यालयों में 2 लाख 50 हजार शिक्षकों के पद रिक्त हैं तथा कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर पर 50 हजार प्रोफेसरों के पद रिक्त है. उन्होंने कहा कि राज्य में जूनियर इंजीनियर के 66 प्रतिशत पद रिक्त हैं. उन्होंने कहा था, ‘अगर उनकी पार्टी को यहां के लोग मौका देते हैं तो इन सभी पदों पर नियुक्ति की जाएगी. यह वादा नहीं मजबूत इरादा है.’

तेजस्वी ने 5 सितंबर को राजद ने बेरोजगारों के निबंधन के लिए एक वेब साइट तथा एक मिस्ड कॉल के नंबर जारी किया था. उन्होंने कहा कि वहां 22 लाख से अधिक लोगों ने अपना निबंधन करवाया है.