Bihar Election Results 2020: बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों (Bihar Assembly Election Results 2020) में एनडीए (NDA) ने जादुई आंकड़ा हासिल किया है. इसके बाद सरकार गठन की कवायद शुरू हो गई है. एनडीए में जोड़-घटाव के नए फॉर्मूले पर भी चर्चा शुरू हो चुकी है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही होंगे ये तय हो चुका है और उनके शपथ ग्रहण की प्रक्रिया दीपावली के बाद ही होगी. लेकिन इस बीच कितने विधायक मंत्री बनेंगे इसपर चर्चा हो रही है. Also Read - Bihar Vidhansabha Speaker: NDA या महागठबंधन, किसके हिस्से जाएगा स्पीकर पद..फैसला जल्द

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सात विधायकों पर दो को मंत्री बनने का मौका मिल सकता है, इस फॉर्मूले पर विचार हो रहा है. हालांकि, जब एनडीए के शीर्ष नेता बैठेंगे तो इस फॉर्मूले में भी बदलाव हो सकता है. Also Read - Love Jihad पर विवाद, बिहार में उठी कानून बनाने की मांग, महाराष्ट्र ने कहा-हमें जरूरत नहीं

नियमानुसार, बिहार में मुख्यमंत्री समेत कैबिनेट में अधिकतम 36 मंत्री हो सकते हैं और इस बार एनडीए के 125 विधायक जीत कर आए हैं, जिनमें जदयू के 43 और भाजपा के 74 विधायक हैं. जबकि हम और वीआईपी के भी चार-चार विधायक हैं. भाजपा के सबसे ज्यादा विधायक चुनकर आए हैं और मौजूदा फॉर्मूला के हिसाब से अगर हम और वीआईपी मंत्रिमंडल में शामिल हुए तो दोनों दलों से एक-एक मंत्री हो सकते हैं, जबकि जदयू से 13 तो भाजपा से 21 मंत्री बन सकते हैं. Also Read - Sarkari Naukri 2021 in Bihar: बिहार में होगी बंपर बहाली, New Year में 2 लाख नौकरियां देगी नीतीश सरकार! जानिए डिटेल्स..

वहीं राजनीतिक गलियारों से आ रही खबरों के अनुसार, अभी सरकार में जदयू और भाजपा कोटे से बराबर-बराबर मंत्री बनाये जा सकते हैं और भविष्य में मंत्रिमंडल विस्तार होने पर संख्या बल के हिसाब से घटकदलों के सदस्यों को मंत्री बनाया जा सकता है. लेकिन कुछ राजनीतिक जानकारों का यह भी मानना है कि भाजपा के ऊपर अधिक मंत्री पद हासिल करने का भी विधायकों की ओर से दबाव होगा.

वहीं, विधानसभा अध्यक्ष किस दल के खाते में होगा, यह एनडीए के नेता आपसी बैठक के बाद तय करेंगे. इस संबंध में एक सवाल पर उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने न्यूज चैनल को दिये साक्षात्कार में कहा कि राजनीति में कोई बड़ा भाई और छोटा भाई नहीं होता है. किस दल के मंत्री अधिक रहेंगे यह कोई मुद्दा नहीं है.