Bihar Fasal Sahayata Yojana: बिहार के 70 हजार किसानों के एकाउंट में आज शाम तक नीतीश सरकार पैसे भेजेगी. रबी फसल के उत्पादन में नुकसान उठाने वाले किसानों को आज बिहार सरकार से थोड़ी राहत मिलने वाली है. बिहार सरकार के सहकारिता विभाग द्वारा साल (2020-21) में हुए नुकसान की भरपाई के लिए आज (13 सितंबर) से किसानों को नकदी भुगतान की प्रक्रिया शुरू हो रही है.Also Read - Bihar News: मोतिहारी में नदी में नाव पलटने से 22 लोग डूबे, 6 लोगों के मौत की आशंका,10 को बचाया गया,

इस योजना के तहत सरकार इस बार रैयत और गैर रैयत दोनों तरह के पात्र किसानों को नकदी का भुगतान करेगी. बताया गया हे कि राज्य के किसानों के बीच 226 करोड़ रुपये बांटे जाएंगे. Also Read - Bihar Me Kab khulenge School: बिहार में प्राइमरी स्कूलों के खुलने की आ गई तारीख, सीएम नीतीश ने किया ऐलान

सरकार ने बताया है कि अब तक लगभग 218 करोड़ 40 लाख रुपये का भुगतान हो चुका है. यह राशि पिछले साल खरीफ मौसम में हुए नुकसान की भरपाई के तौर पर दी गई है.बता दें कि फसल सहायता योजना में रबी की सहायता राशि के रूप में बिहार के लगभग 4 लाख 63 हजार किसानों को पात्र बताया गया था. सहकारिता विभाग ने 4 लाख 47 हजार 70 किसानों के बीच राशि बांट दी है और अब  बाकी बचे किसानों का भुगतान भी एक-दो दिन में उनके बैंक खाते में कर दिया जाएगा. Also Read - Bihar News: बिहार के खगड़िया में मनपसंद खाना नहीं मिला तो देवर ने भाभी को मार दी गोली, मौत

रबी फसल सहायता की जांच में लगभग 70 हजार किसान ही पात्र पाये गये हैं. सरकार को इन किसानों के बीच मात्र 30 करोड़ रुपये ही देना है. लिहाजा जांच और भुगतान की प्रक्रिया भी जल्द पूरी हो जाएगी.

खरीफ मौसम में 34 जिलों का चयन इस योजना के तहत हुआ है. सरकार से सहायता के लिए उन जिलों के 16 लाख 30 हजार 288 किसानों ने आवेदन किया था. लेकिन चयनित जिलों के पात्र किसानों की संख्या जांच में कम हो गई. भुगतान उसी आधार पर किया जा रहा है.

इस योजना में औसत से एक प्रतिशत भी कम उत्पादन होने पर किसानों को सरकार सहायता राशि के रूप में नकदी देती है.
फसल की एक से 20 प्रतिशत तक क्षति हुई तो प्रति हेक्टेयर साढ़े सात हजार रुपये की सहायता किसानों को दी जाती है.
क्षति 20 प्रतिशत से अधिक हो गई तो सहायता अनुदान की राशि 10 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर होती है.
किसानों को अधिकतम दो हेक्टेयर रकबे के लिए क्षतिपूर्ति की जाती है.