पटना: बिहार में बाढ़ का पानी अब नए क्षेत्रों में प्रवेश कर रहा है, जिससे बाढ़ का दायरा बढ़ता जा रहा है. राज्य के 10 जिले के 6.50 लाख लोग बाढ़ से त्रस्त हुए हैं. इस बीच, राज्य में गंगा को छोड़कर सभी नदियां अपने रौद्र रूप में बह रही हैं, जिससे लोगों में भय व्याप्त है. गोपालगंज में मंदिर-मस्जिद, स्कूल-मदरसा सभी बाढ़ के पानी में डूब गए हैं. बाढ़ से घिरे लोगों को बचाने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ लगातार जुटी हुई हैं. आपदा प्रबंधन विभाग के अपर सचिव रामचंद्र डू ने बताया कि बिहार की विभिन्न नदियों के बढ़े जलस्तर को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह से सतर्क है. Also Read - महाराष्ट्र में भारी बारिश की चेतावनी, एनडीआरएफ की 15 टीमें तैनात

नदियों के बढ़े जलस्तर से बिहार के 10 जिले सीतामढ़ी, शिवहर, सुपौल, किशनगंज, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, पश्चिम चम्पारण, खगड़िया एवं पूर्वी चम्पारण के कुल 55 प्रखंडों की 282 पंचायतें बाढ से प्रभावित हुई हैं. बाढ़ से राज्य की करीब साढ़े छह लाख की आबादी बुरी तरह प्रभावित हुई है. उन्होंने कहा कि सुपौल, पश्चिम चम्पारण, पूर्वी चम्पारण में दो-दो, गोपालगंज में तीन और खगड़िया में एक राहत शिविर चलाए जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि इसके अलावे बाढ़ प्रभावित इलाकों में 134 कम्युनिटी किचेन चलाए जा रहे हैं. Also Read - Mumbai/Maharashtra Rain/Weather Update: भारी बारिश की चेतावनी के बीच NDRF तैनात करने की मांग

इधर, सरकार के दावों के विपरीत लोगों की परेशानी बाढ़ के कारण बढ़ी हुई है. गोपालगंज में इस साल गंडक ने भारी तबाही मचाई है. सदर प्रखंड के कई गांव पानी में डूब चुके हैं. यहां मंदिर, मस्जिद, स्कूल, मदरसा सभी बाढ़ के पानी में डूबे हुए हैं. मदरसा में फंसे कुछ बच्चों को जिला प्रशासन की मदद से निकाल लिया गया. यही हाल दरभंगा में भी है. दरभंगा के 10 प्रखंड के 81 पंचायतों में बाढ का पानी प्रवेश कर गया है, जिससे लोगों को परेशानी बढी हुई है. Also Read - काशी विश्वनाथ कॉरिडोर में गिरी बदहाल इमारत, 2 मजदूरों की मौत, 6 घायल

इधर, जल संसाधन विभाग के मुताबिक राज्य में गंगा को छोड़कर सभी प्रमुख नदियां उफान पर हैं. विभाग के एक अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि गंडक नदी के जलस्तर में कमी आ रही है. गुरुवार को आठ बजे वाल्मीकिनगर गंडक बैराज पर 2़12 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज था. इधर, कोसी के जलस्तर में भी तेजी से गिरावट हो रही है. वीरपुर बैराज के पास कोसी नदी में गुरुवार को सुबह छह बजे जलस्राव 1.77 लाख क्यूसेक था, जो आठ बजे घटकर 1़.73 लाख क्यूसेक हो गया है. जल संसाधन विभाग के मुताबिक, राज्य में गंगा को छोडकर बागमती, बूढ़ी गंडक, कमला बलान, पुनपुन, महानंदा और घाघरा राज्य में अधिकांश स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं.