नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल यूनाईटेड (जदयू) लोकसभा चुनाव में बिहार की 17-17 सीटों पर चुनाव लड़ सकते हैं. सहयोगी दल लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) एवं राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) के हिस्‍से में क्रमश: चार और दो सीटें आ सकती हैं.

सूत्रों के मिली जानकारी के अनुसार वैसे सीटों के बंटवारे को लेकर केंद्रीय मंत्री रामविलास पास की अगुवाई वाली लोजपा और केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा की अगुवाई वाली आरएलएसपी के साथ बातचीत अभी चल ही रही है. सूत्रों ने बताया कि यदि लोजपा इस फॉर्मूले पर राजी हो जाती है तो उसके एक नेता को भाजपा के समर्थन से राज्यसभा भेजा जा सकता है. लोजपा ने 2014 में सात सीटों पर चुनाव लड़ा था और वह छह सीटें जीती थी.

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ऐसी अटकलें हैं कि पासवान स्वास्थ्य कारणों से चुनाव नहीं लड़ सकते हैं और उन्हें उपरी सदन में लाया जा सकता है. ऐसी स्थिति में उनके बेटे सांसद चिराग पासवान अपने पिता के गढ़ हाजीपुर से लड़ सकते हैं. भाजपा, लोजपा और आरएलएसपी ने 2014 में बिहार की 40 लोकसभा सीटों में से क्रमश: 30, सात और तीन सीटों पर चुनाव लड़ा था और उन्होंने क्रमश: 22, छह और तीन सीटें जीती थीं.

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हालांकि, पिछले साल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई वाले जदयू के राजग में आने का तात्पर्य था कि 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए नयी व्यवस्था तैयार की जा रही है. शाह ने पिछले हफ्ते घोषणा की थी कि भाजपा और जदयू राज्य में समान संख्या में सीटों पर चुनाव लड़ेंगे.