पटना. भाजपा के वरिष्ठ नेता और बिहार के मंत्री विनोद नारायण झा ने शुक्रवार को एक विवादित बयान देते हुए कहा कि “कांग्रेस की नवनियुक्त महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा “बेहद खूबसूरत” हैं और इसके अलावा उनमें कोई और गुण नहीं है. उनकी पार्टी को यह याद रखना चाहिए कि सुंदरता से वोट नहीं मिलते.” जन स्वास्थ्य और अभियंत्रिकी मंत्री झा के इस बयान को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू ने खारिज कर दिया है. साथ ही विपक्षी कांग्रेस-राजद ने संयुक्त रूप से उन पर महिलाओं के प्रति ‘विकृत’ रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए उन्हें मंत्रिमंडल से बर्खास्तगी की मांग की है.

प्रियंका गांधी के सक्रिय राजनीति में आने को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में झा ने यहां कहा, ‘‘सुंदर होने के अलावा, मुझे प्रियंका गांधी में कोई गुण नहीं दिखता. प्रकृति ने उन्हें सुंदर बनाया है. लेकिन कांग्रेस को याद रखना चाहिए कि सुंदरता से वोट नहीं मिलते. वह एक नौसिखिया भी हैं और उनके पति पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं.’’ आपको बता दें कि प्रियंका गांधी को इस सप्ताह की शुरुआत में पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रभारी महासचिव बनाया गया है.

जदयू के विधान पार्षद अशोक चौधरी ने कहा, ‘‘निश्चित रूप से हम ऐसी टिप्पणी की अनुमति नहीं देते. प्रियंका गांधी वाड्रा का करिश्मा और आकर्षण चुनाव में वांछित परिणाम ला सकता है या नहीं भी ला सकता. लेकिन जिस तरह से बयान दिया गया है वह ठीक नहीं है.’’ इधर, कांग्रेस के विधान पार्षद प्रेम चंद मिश्रा ने झा के बयान की निंदा की है और नीतीश कुमार से उन्हें तत्काल हटाने की मांग की है. राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा कि बयान खेदजनक है. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को मंत्री को तत्काल बर्खास्त करना चाहिए नहीं तो इसके गंभीर परिणाम होंगे.

राजद विधायक और प्रवक्ता एज्या यादव ने भी झा के बयान की आलोचना की है. बेनीपट्टी से कांग्रेस विधायक भावना झा ने तंज कसते हुए कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव में विनोद नारायण झा मुझ जैसे एक साधारण पार्टी कार्यकर्ता से हार गए थे. प्रियंका गांधी वाड्रा से उन्हें भय लगना स्वभाविक है. वह प्रियंका की सुंदरता से परेशान हो सकते हैं क्योंकि वह खुद बहुत अच्छे नहीं दिखते हैं. राजद के शीर्ष नेता और बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने झा के बयान को लेकर नीतीश सरकार पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की सरकार में मंत्रियों और प्रवक्ताओं को महिलाओं के प्रति अभद्र टिप्पणी करने की ट्रेनिंग दी जाती है.

(इनपुट – एजेंसी)