पटना: केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (आरएलएसपी) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने पटना में सोमवार को बिहार सरकार और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर केंद्रीय विद्यालय के लिए जमीन नहीं देने का आरोप लगाया और कहा कि मंत्री होने के बावजूद अब वह खुद इसके लिए आंदोलन करेंगे. पटना रालोसपा कार्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कुशवाहा ने बिहार सरकार पर आरोप लगाया, “मेरे मंत्रालय ने जितने प्रस्ताव दिए उस पर काम नहीं किया गया. केंद्रीय विद्यालय के प्रस्ताव पर जमीन तक उपलब्ध नहीं कराई गई.”

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बिहार की शिक्षा में सुधार के लिए आंदोलन करने की घोषणा करते हुए कुशवाहा ने कहा कि केंद्रीय विद्यालय के लिए जमीन की मांग को लेकर वह आठ-नौ दिसंबर को नवादा और औरंगाबाद में उपवास पर बैठेंगे.

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लोकसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे से नाराज कुशवाहा ने अन्य लोगों को चुनौती देते हुए कहा, “मुझे मंत्री पद से प्रधानमंत्री को छोड़कर कोई नहीं हटा सकता. प्रधानमंत्री ही मुझे मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर सकते हैं, बाकी किसी के करने से कुछ नहीं होगा. मई महीने तक मैं सरकार में मंत्री हूं.” उन्होंने शिक्षा में सुधार के लिए अपनी 25 सूत्री मांग को दोहराते हुए कहा, “बिहार में शिक्षा में सुधार को लेकर मैंने 25 सूत्री मांगें रखी हैं. अगर मुख्यमंत्री मेरी मांगों को मान लेते हैं, तो मैं जनहित में सभी मान-अपमान को भूल जाऊंगा.”

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कुशवाहा ने सार्वजनिक बहस की चुनौती देते हुए कहा, “अगर मेरे मंत्रालय ने बिहार के लिए काम नहीं किया है, तो सीट बंटवारे की बात तो छोड़, राजनीति से संन्यास ले लूंगा.”

बता दें कि कुशवाहा लोकसभा चुनाव में सीट बंटवारे से नाराज हैं. इसके पूर्व उन्होंने 30 नवंबर तक बीजेपी को इसके लिए अल्टीमेटम दे रखा था. कुशवाहा राजग में रहने के बारे में पहले कह चुके हैं कि वाल्मीकि नगर में पार्टी के चिंतन शिविर में इस संबंध में फैसला किया जाएगा. इसके बाद उन्होंने यू-टर्न लेते हुए बिहार में शिक्षा सुधार के लिए 25 सूत्री मांग रख दी है.