पटना. अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में बिहार की 40 सीटों पर कौन सी पार्टी कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी, इसको लेकर बीते दिनों राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के दलों के बीच पिछले कई महीनों की तकरार खत्म हुई. राजग के बाद अब यह तकरार महागठबंधन में घर करती दिख रही है. भाजपा विरोधी दलों के इस गठबंधन में भी अब ‘सीट-युद्ध’ छिड़ता दिख रहा है. महागठबंधन में इस ‘सीट-युद्ध’ का आगाज पूर्व सीएम जीतनराम मांझी (Jeetanram Manjhi) की पार्टी ने किया है. महागठबंधन के घटक दल हिंदुस्तान अवाम मोर्चा (HAM) ने बुधवार को धमकी दी कि यदि उसे पर्याप्त सीटें नहीं मिली, तो वह अगले साल होने जा रहे लोकसभा चुनावों का बहिष्कार करेगी. पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के नेतृत्व वाले ‘हम’ के प्रदेश अध्यक्ष वृषिण पटेल ने महागठबंधन में सीट बंटवारा समझौता के बारे में पूछे गए सवालों के जवाब में यह कहा.

पूर्व मंत्री पटेल ने संवाददाताओं से कहा कि हर पार्टी को अपने लिए सर्वश्रेष्ठ सौदेबाजी करने का अधिकार है और जहां तक हमारी बात है हम सड़क पर खड़े हैं. जो लोग मुकम्मल मकानों में रह रहे हैं उन्हें एक उचित आकलन करना चाहिए, अन्यथा वे भी सड़क पर आ जाएंगे. मांझी नीत पार्टी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि उसे पर्याप्त संख्या में सीटें नहीं मिली तो वह चुनावों में भाग नहीं लेगी. दरअसल, उनसे (पटेल से) यह पूछा गया था कि पार्टी कितनी संख्या में सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है. उल्लेखनीय है कि मांझी ने कुछ महीने पहले यह दावा किया था कि उनकी पार्टी राज्य में 20 लोकसभा सीटों पर बेहतरीन प्रदर्शन करने की स्थिति में है. राज्य में लोकसभा की कुल 40 सीटें हैं.

हम के नेता ने बाद में स्पष्ट किया कि वह इतनी सीटों के लिए जोर नहीं दे रहे हैं और इसके बजाय जिन स्थानों पर पार्टी की अच्छी मौजूदगी है वह गठबंधन सहयोगियों को जीत हासिल करने में मदद करेगी. गौरतलब है कि मांझी ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने और जदयू छोड़ने के बाद हम का गठन किया था. मांझी ने इस साल फरवरी में भाजपा नीत राजग छोड़ दिया और महागठबंधन में शामिल हो गए. बहरहाल, लोकसभा चुनाव के लिए महागठबंधन में सीट बंटवारे की घोषणा होनी अभी बाकी है. इसमें कांग्रेस, राजद, हम, रालोसपा और शरद यादव नीत लोकतांत्रिक जनता दल सहित कुछ अन्य दल शामिल हैं.

(इनपुट – एजेंसी)