पटना. बिहार के बाहुबली विधायक अनंत सिंह (MLA Anant Singh) के खिलाफ पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है. बाढ़ के लदमा स्थित अनंत सिंह के पैतृक आवास से स्वचालित हथियार AK-47 और अन्य आपत्तिजनक विस्फोटक सामग्री की बरामदगी के बाद इलाके में ‘छोटे सरकार’ के नाम से मशहूर अनंत सिंह की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. पुलिस कार्रवाई के डर से विधायक फरार हो गए हैं. शनिवार की आधी रात पुलिस ने पुख्ता सबूतों के दम पर अनंत सिंह की गिरफ्तारी के लिए उनके पटना स्थित सरकारी आवास पर छापा मारा. लेकिन इससे पहले ही बाहुबली विधायक फरार हो गए.

बिहार के विवादास्पद MLA अनंत सिंह के घर से एके-47 बरामद, बड़ी मात्रा में मिली विस्फोटक सामग्री

पटना जिला के मोकामा विधानसभा क्षेत्र से बाहुबली विधायक अनंत सिंह के घर से एक एके-47 राइफल और ग्रेनेड की बरामदगी होने पर पुलिस ने उनके खिलाफ आतंकवाद निरोधी कानून ‘गैरकानूनी गतिविधियां (निरोधक) अधिनियम’ (UAPA Act) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है. हथियार बरामदगी के बाद से अनंत सिंह पटना स्थित अपने सरकारी आवास में रह रहे थे. वहीं, अनंत सिंह के सरकारी आवास से धारा 307 के आरोपी छोटन सिंह गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने अनंत सिंह के घर पर लगभग ढाई घंटे तक छापेमारी की. पुलिस अधिकारियों ने कहा कि विधायक की पत्नी से अनंत सिंह के बारे में जानकारी लेने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं बताया. पुलिस ने कहा कि कानूनी रूप से अनंत सिंह के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.

इससे पहले बीते दिनों पुलिस ने बाहुबली विधायक के पैतृक आवास से हथियार और विस्फोटक सामग्री जब्त की थी. एसपी ग्रामीण कांतेश कुमार मिश्र ने शनिवार को बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर पटना के बाढ़ अनुमंडल के लदमा गांव स्थित अनंत सिंह के आवास पर पुलिस ने छापेमारी की थी. इस दौरान वहां से एक एके-47 राइफल, एक मैगजीन, कुछ कारतूस और दो ग्रेनेड बरामद किए गए थे. उन्होंने बताया कि आधुनिक हथियार और अग्नेयास्त्र बरामद होने के मद्देनजर निर्दलीय विधायक अनंत सिंह के खिलाफ यूएपीए के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है.

आपको बता दें कि ‘छोटे सरकार’ उपनाम से जाने जाने वाले अनंत सिंह का एक लंबा आपराधिक रिकॉर्ड रहा है. एक ठेकेदार और उसके भाई की हत्या की साजिश रचने के सिलसिले में गिरफ्तार चार अपराधियों में से एक मोबाइल फोन से एक ऑडियो क्लिप में सिंह की आवाज का नमूना देने के लिए हाल ही में पटना स्थित बिहार पुलिस मुख्यालय बुलाया गया था. अनंत ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत 2005 में जदयू के उम्मीदवार के तौर पर बाहूबली नेता सूरजभान सिंह के खिलाफ की थी. इससे पहले अनंत के बड़े भाई दिलीप सिंह मोकामा विधानसभा का प्रतिनिधित्व किया था. वह राबड़ी देवी सरकार में मंत्री थे. जदयू से निष्कासित कर दिए जाने पर अनंत ने 2015 में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मोकामा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था और विजयी रहे थे.

(इनपुट – एजेंसी)