पटना. लोकसभा चुनाव से पहले बिहार में महागठबंधन के दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर विवाद तो है ही, गठबंधन के सहयोगी दलों की अंदरूनी समस्याएं भी कम नहीं हैं. ताजा मामला प्रदेश के पूर्व सीएम जीतनराम मांझी की पार्टी ‘हम’ का है, जिसके दो शीर्ष नेताओं ने पार्टी से त्यागपत्र दे दिया है. खासकर, हम के प्रदेश अध्यक्ष वृषिण पटेल का पार्टी छोड़ना, मांझी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. क्योंकि पार्टी में जीतनराम मांझी के बाद पटेल ही प्रदेशस्तर पर जाने-पहचाने नेताओं में से एक माने जाते हैं. वहीं दूसरी ओर, पार्टी के प्रवक्ता दानिश रिजवान ने भी हम से अपना त्यागपत्र दे दिया है. सियासी जानकारों के अनुसार, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नीत महागठबंधन में शामिल हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) को बुधवार को लगा यह झटका चुनाव के मद्देनजर अहम है.

हम के प्रदेश अध्यक्ष वृषिण पटेल और प्रवक्ता दानिश रिजवान ने पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी से इस्तीफा दे दिया. हम से इस्तीफा देने के बाद पटेल ने यहां पत्रकारों से बातचीत में मांझी द्वारा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के धरने का समर्थन नहीं करने पर नाराजगी जताई. उन्होंने कहा, “देश से लेकर राज्य तक के महागठबंधन में शामिल दलों ने ममता बनर्जी के धरने का समर्थन किया, परंतु हम के अध्यक्ष मांझी ने उनके धरने पर बैठने को गलत बताया था, जो कहीं से भी सही नहीं है.” बिहार के पूर्व मंत्री पटेल ने हालांकि यह भी स्पष्ट कर दिया कि वह महागठबंधन के साथ बने रहेंगे. उल्लेखनीय है कि हम पूर्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल था. पिछले वर्ष हम के अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने राजग छोड़कर महागठबंधन का दामन थाम लिया.

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इधर, हम के प्रवक्ता दानिश रिजवान ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने इस्तीफे के पीछे व्यक्तिगत कारण बताया है. सूत्रों का कहना है कि बुधवार को इन दोनों नेताओं के बीच किसी बात को लेकर बहस हुई, जिसके बाद दोनों ने पार्टी छोड़ने की घोषणा कर दी. बहरहाल, वृषिण पटेल और दानिश रिजवान के इस्तीफे के बाद जीतनराम मांझी की अगुवाई वाली इस पार्टी को महागठबंधन में कितना महत्व दिया जाता है, यह आने वाले दिनों में चर्चा का विषय रहेगा. माना जा रहा है कि ऐसे समय में जबकि लोकसभा चुनाव की घोषणा होने में अब ज्यादा दिन नहीं बचे हैं, पूर्व मुख्यमंत्री मांझी के लिए अपनी पार्टी को संभालना आसान नहीं होगा.

(इनपुट – एजेंसी)