पटना: बिहार विधान परिषद की नौ रिक्त सीटों के लिए नामांकन करने वाले सभी नौ उम्मीदवारों को सोमवार को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया. निर्वाची पदाधिकारी और बिहार विधानसभा के सचिव बटेश्वर नाथ पांडेय ने सोमवार को नाम वापस लेने की अंतिम तिथि के दिन सभी उम्मीदवारों को जीत का सर्टिफिकेट दिया. Also Read - बिहार में एनकाउंटर में 4 नक्‍सली ढेर, इंस्‍पेक्‍टर घायल, एके-56 समेत कई हाईटेक हथियार जब्‍त

उन्होंने बताया कि नवनिर्वाचित उम्मीदवारों में जदयू के गुलाम गौस, कुमुद वर्मा और भीष्म सहनी, राजद के मोहम्मद फारूक, चंद्रबली सिंह चंद्रवंशी और सुनील कुमार सिंह, भाजपा के संजय मयूख और सम्राट चौधरी और कांग्रेस के समीर कुमार सिंह शामिल हैं. बिहार विधान परिषद की ये नौ सीटें पूर्व में सत्तारूढ़ जदयू और भाजपा गठबंधन के पास थीं और ये इस साल मई महीने में रिक्त हुईं थीं. Also Read - Indian Railways Latest News: रेलवे ने बिहार से झारखंड आने वाली इन ट्रेनों पर लगाई 13 जुलाई से रोक

2015 के बिहार विधानसभा चुनाव के बाद निचले सदन में बदले हुए अंकगणित के कारण इनमें से चार पर सत्तापक्ष को विपक्षी राजद-कांग्रेस गठबंधन को स्वीकार करना पड़ा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू ने अपनी छह सीटों पर आसीन रहे पूर्व सदस्यों में से किसी को भी दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया था. हालांकि राजद में फूट के कारण पिछले हफ्ते राजद के पांच बिहार विधान परिषद सदस्य पाला बदल कर जदयू में शामिल हो गए थे. Also Read - Flood In Bihar: बिहार में बाढ़ की आशंका को लेकर अलर्ट, बचाव के लिए होगा ड्रोन का उपयोग

कांग्रेस द्वारा पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री तारिक अनवर को उम्मीदवार घोषित किया गया था लेकिन नामांकन के अंतिम दिन 25 जून को इस दल ने अपना उम्मीदवार बदलते हुए पार्टी के राज्य उपाध्यक्षों में से एक समीर कुमार सिंह को अपना प्रत्याशी बना दिया था.

कांग्रेस सूत्रों द्वारा बताया गया था कि उम्मीदवार बदले जाने की वजह तारिक का नाम राज्य की मतदाता सूची में नहीं होना था. उसके बाद समीर अपने प्रस्तावकों के साथ विधानसभा सचिवालय पहुंचे और नामांकन दाखिल किया था.

(इनपुट भाषा)