नई दिल्ली: बिहार कला, संस्कृति एवं युवा विभाग और कला संस्कृति निदेशालय गोवा के तत्वावधान में गोवा की सांस्कृतिक राजधानी माने जाने वाले फोंडा में बिहार महोत्सव का आगाज हो गया. सांस्कृतिक केंद्र राजीव गांधी कला केंद्र में बुधवार की शाम इसका शुभारंभ गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया. इस मौके पर लोकगायिका शारदा सिन्हा ने अपने लोकगीतों से सबका मन मोह लिया. उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए गोवा की राज्यपाल ने कहा कि हमारी संस्कृति हमारी पहचान है और उसमें कोई अंतर नहीं है. इस आयोजन में भारतीय संस्कृति की मानवीय मूलक झलक दिखती है. Also Read - केन्द्र के कौशल आधारित शिक्षा कार्यक्रम को इस राज्य में मिल रहा है अच्छा रिस्पॉन्स, छात्रों की संख्या में तीन गुनी हुई वृद्धि 

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए बिहार के कला संस्कृति मंत्री कृष्ण कुमार ऋषि ने कहा कि गोवा में बिहार महोत्सव के आयोजन से गोवा के साथ दुनिया भर के लोगों के सामने हमें बिहार की ब्रांडिंग का अवसर मिला है. बिहार महोत्सव 2018 का आगाज पद्मभूषण शारदा सिन्हा की लोकप्रिय आवाज में लोकगीत के साथ हुआ जिसे सुनकर वहां मौजूद लोग मंत्रमुग्ध हो गए. इसके बाद बिहार के पारंपरिक लोक नृत्य की प्रस्तुति लोक कला प्रदर्शन केंद्र, पूर्णिया द्वारा की गई. Also Read - Lockdown in Goa Update: आज से लागू हुआ लॉकडाउन, 10 अगस्त तक जारी रहेगी पाबंदी, पढ़ें दिशा-निर्देश

इस मौके पर रजनीश कुमार ने उप शास्त्रीय संगीत, रीता दास ने सरोद वादन और बेतिया के सुमित आनंद ने ध्रुपद गायन पेश किया. इसके बाद बिहार संगीत नाटक अकादमी द्वारा बिहार गौरव गान और राजीव रंजन कथक नृत्य की भी मनोरम प्रस्तुति हुई. तीन दिन तक चलने वाला यह महोत्सव 24 नवंबर को समाप्त हो जाएगा. Also Read - इस राज्य में 10 अगस्त तक लागू किया गया जनता कर्फ्यू, घर से निकलने की नहीं मिलेगी अनुमति

महोत्‍सव के दूसरे दिन 23 नवंबर को बिहार दर्पण, सुरांगन के जरिए बिहार दर्शन कराया जाएगा. नीतू कुमारी नूतन बिहार के लोकगीतों की प्रस्‍तुति देंगी.चर्चित नृत्‍य नाटिका आम्रपाली का मंचन नीलम चौधरी करेंगी. वहीं, राम प्रकाश मिश्र ठुमरी की प्रस्‍तुति देंगे. अमर आनंद, रानी कुमारी और नीतू नवगीत और सत्‍येंद्र कुमार लोकगीत का रंगारंग प्रस्‍तुति देंगे. तो मो. इजराइल पमरिया नृत्‍य और प्रशांत मल्लिक के ध्रुपद गायन के साथ ही दूसरे दिन इसका समापन हो जाएगा.