कटिहार/पटना: बिहार में सत्तारूढ़ जेडीयू-बीजेपी सरकार के सीनियर मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने रविवार को अल्पसंख्यकों के एक कार्यक्रम में सार्वजनिक रूप से मुस्लिम टोपी पहनने से इनकार कर दिया. इसके बाद राज्य में सियासी पारा चढ़ गया है. इसे लेकर विपक्ष ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा है. बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब उन्होंने भी एक कार्यक्रम में टोपी पहनने से इनकार कर दिया था.

कटिहार के सालमारी में रविवार को सियासी एवं तालिमी बेदारी कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया था. इस मंच पर विधान परिषद के उपसभापति हारून रशीद सहित कई नेता पहुंचे थे. इस क्रम में मंच पर सभी नेताओं का स्वागत किया गया. इस बीच राज्य के ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र यादव को भी जब टोपी पहनाकर स्वागत करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने इसे पहनने से इनकार कर दिया. बिजेंद्र ने टोपी लेकर पीछे खड़े एक शख्स को थमा दी.

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस खबर के सामने आने के बाद विपक्ष सत्तापक्ष पर निशाना साध रहा है जबकि जद (यू) सफाई देने में जुटी है.

अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के कटिहार जिला अध्यक्ष मुजीबुर रहमान ने सोमवार को कहा कि मंत्री ने टोपी लेने से इनकार नहीं किया. उन्होंने टोपी स्वीकार की. इसलिए इस मामले को लेकर विवाद का प्रश्न ही नहीं है.

इधर, हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा के दानिश रिजवान ने कहा कि जेडीयू अब पूरी तरह से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा के शिकंजे में जकड़ चुकी है. इसे अब धर्मनिरपेक्षता से कोई मतलब नहीं.

इधर, राजद के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि इस घटना के बाद साफ है कि अब जेडीयू पर बीजेपी का पूरी तरह नियंत्रण हो गया है. उन्होंने कहा कि यह बात अब जनता भी जानने लगी है कि जेडीयू भाजपा के एजेंडे पर काम कर रही है.