पटना: बिहार के उद्योग मंत्री और जद(यू) के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक को रविवार को राज्य मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने के साथ ही पार्टी से भी निष्कासित कर दिया गया. जद (यू) के मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा कि उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है. Also Read - बिहार चुनाव! 14,000 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे पीएम मोदी

सिंह ने कहा कि श्याम रजक को राज्य मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया गया है और उन्हें छह साल के लिए पार्टी से भी निष्कासित कर दिया गया है. अटकलें लगाई जा रही थीं कि रजक जद(यू) छोड़ सकते हैं क्योंकि वह अपनी पार्टी और उद्योग सचिव एस सिद्धार्थ के साथ खुश नहीं थे, जिनके साथ उनके विभाग चलाने को लेकर मतभेद थे. Also Read - बिहार में पोस्टर वार: 'एक ऐसा परिवार जो बिहार पर भार' लालू 'सजायाफ्ता कैदी नंबर 3351'

सूत्रों ने बताया कि जदयू पार्टी नेता अरुण मांझी को अधिक महतत्व दे रहा है, जो इन दिनों फुलवारी शरीफ विधानसभा क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि रजक को आशंका थी कि इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव में जदयू उन्हें टिकट नहीं दे सकता है. Also Read - Bihar Assembly Elections 2020: बिहार चुनाव में कैसे वोट डालेंगे कोरोना के मरीज? निर्वाचन आयोग का बड़ा फैसला

सूत्रों ने बताया कि रजक सोमवार को अपनी पुरानी पार्टी राजद में शामिल हो सकते हैं. रजक से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन उनका जवाब नहीं मिल पाया. रजक राज्य में राजद की सरकार में मंत्री थे और 2009 में वह पार्टी छोड़कर जदयू में शामिल हुए थे.

(इनपुट भाषा)