दिल्ली में हुआ बिहार के 4 कुख्यात अपराधियों का एनकाउंटर, AK-47 बरामद, विधानसभा चुनाव में आतंक फैलाने की थी साजिश

Delhi encounter: मारे गए अपराधी विधानसभा चुनाव में आतंक की साजिश कर रहे थे. दिल्ली में बुधवार देर रात हुआ एनकाउंटर दिल्ली क्राइम ब्रांच और बिहार पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन का अंजाम था.

Published date india.com Updated: October 23, 2025 9:21 AM IST
दिल्ली में हुआ बिहार के 4 कुख्यात अपराधियों का एनकाउंटर, AK-47 बरामद, विधानसभा चुनाव में आतंक फैलाने की थी साजिश

Ranjan Pathak encounter: बिहार के 4 4 कुख्यात मोस्ट वांटेड अपराधी दिल्ली में एनकाउंटर में मारे गए हैं. मारे गए कुख्यात अपराधियों में रंजन पाठक भी शामिल है जो लंबे समय से पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था. सीतामढ़ी के सुरसंड का रहने वाला रंजन पाठक पिछले 3 महीने से सीरियल हत्याओं अंजाम दे रहा था. बिहार में ब्रह्मर्षि समाज के जिला अध्यक्ष की ह्त्या का आरोप भी रंजन पाठक पर ही था. चारों अपराधी दिल्ली और बिहार पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में ढेर किए गए.

विधानसभा चुनाव में आतंक फैलाने की साजिश थी

मारे गए अपराधी विधानसभा चुनाव में आतंक की साजिश कर रहे थे. दिल्ली में बुधवार देर रात हुआ एनकाउंटर दिल्ली क्राइम ब्रांच और बिहार पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन का अंजाम था. सभी अपराधी चुनावों के दौरान कोई बड़ी वारदात को अंजाम दे पाते इससे पहले ही उन्हें ढेर कर दिया गया.

मुठभेड़ बुधवार की देर रात करीब 2:20 बजे दिल्ली के बहादुर शाह मार्ग पर हुई. पुलिस सूत्रों के अनुसार अपराधियों ने अचानक पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी
जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में चारों मारे गए. मुठभेड़ के दौरान इलाके में करीब 10 से 15 मिनट तक गोलियों की आवाजें गूंजती रहीं.

एनकाउंटर में मारे गए अपराधियों की पहचान रंजन पाठक (25), बिमलेश महतो उर्फ बिमलेश साहनी (25), मनीष पाठक (33) के रूप में हुई जो बिहार के सीतामढ़ी जिले के रहने वाले थे. चौथा अमन ठाकुर (21) दिल्ली निवासी था. पुलिस के मुताबिक सभी अपराधियों पर बिहार और दिल्ली में कई गंभीर मुकदमे दर्ज थे.

चारों बदमाशों की बिहार पुलिस को लंबे वक्त से तलाश थी. ये गैंग ‘सिग्मा एंड कंपनी’ के नाम से वारदात को अंजाम देता था. गैंग का सरगना रंजन पाठक था और इसके नेटवर्क बिहार से लेकर नेपाल तक फैले थे. रंजन पाठक सीतामढ़ी में कई वारदातों को अंजाम दे चुका था. कुख्यात रंजन हत्याओं को अंजाम देने के बाद खुद का बायोडाटा मीडिया के पास भेजता था.

मुठभेड़ स्थल से पुलिस ने एके-47 राइफल, दो पिस्तौल, भारी मात्रा में कारतूस और मोबाइल फोन बरामद किए हैं. प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि यह गिरोह बिहार में चुनाव से पहले हिंसा फैलाने और राजनीतिक हमले करने की योजना बना रहा था. इस ऑपरेशन को दिल्ली क्राइम ब्रांच की स्पेशल टीम ने बिहार पुलिस की इंटेलिजेंस यूनिट के साथ मिलकर अंजाम दिया. अपराधियों की गतिविधियों पर पिछले कई दिनों से नजर रखी जा रही थी.

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